PM Swanidhi Yojana MP: देश भर में चमका मध्य प्रदेश-क्रेडिट कार्ड आवेदन संग्रहण में MP को मिला देश में दूसरा स्थान; स्ट्रीट वेंडर्स को तीसरी किश्त के साथ मिलेगी क्रेडिट कार्ड की सौगात
भोपाल: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के क्रियान्वयन में मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा शहरी पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) के आर्थिक सुदृढ़ीकरण और वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) के लिए किए जा रहे प्रयासों का बड़ा नतीजा सामने आया है। योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा दिलाने के लिए आवेदन पत्र संग्रहण (Application Collection) के मामले में मध्य प्रदेश पूरे देश में द्वितीय (दूसरे) स्थान पर पहुंच गया है। Main Entrance Vastu: मेन गेट के सामने भूलकर भी न रखें ये 7 चीजें; लक्ष्मी जी मोड़ लेती हैं मुंह, छा जाती है कंगाली- जानें आसान उपाय
MP में 10 हजार से अधिक आवेदन बैंकों को प्रेषित; 500 से ज्यादा कार्ड जारी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में इस अभियान को लेकर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है:
- 10,000+ आवेदन: प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स के क्रेडिट कार्ड आवेदन तैयार कर विभिन्न बैंकों को भेजे जा चुके हैं।
- तेजी से वेरिफिकेशन: बैंकों द्वारा 900 से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक भौतिक व तकनीकी सत्यापन (Verification) कर लिया गया है।
- कार्ड वितरण शुरू: अब तक 500 से अधिक वेंडर्स को उनके क्रेडिट कार्ड सफलतापूर्वक जारी भी किए जा चुके हैं।
किसे मिलेगी यह सुविधा? जानिए पात्रता के कड़े मापदंड (Eligibility Rules)
विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड सुविधा का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं:
- लोन चुकाने वाले पात्र: वे सभी शहरी पथ विक्रेता इसके पात्र होंगे, जिन्होंने अपने स्वनिधि लोन की द्वितीय किश्त (Second Tranche) का सफलतापूर्वक पुनर्भुगतान (Repayment) कर दिया है और वे तीसरी किश्त के हकदार हैं।
- तीसरी किश्त वाले भी अर्ह: वे वेंडर्स भी पात्र होंगे जिन्होंने पहले ही तीसरी किश्त का लोन ले लिया है— बशर्ते उनका लोन अकाउंट वर्तमान में एक्टिव हो या पूरी तरह चुकता हो चुका हो।
- आयु सीमा: आवेदन की तारीख को लाभार्थी की उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है।
- लोन के अतिरिक्त लाभ: खास बात यह है कि यह क्रेडिट कार्ड सुविधा तीसरी किश्त के लोन के अलावा होगी। यानी रेहड़ी-पटरी वाले अपनी मर्जी से सिर्फ लोन, सिर्फ क्रेडिट कार्ड या दोनों का संयुक्त लाभ एक साथ उठा सकते हैं।
- नो सिबिल स्कोर टेंशन: वित्तीय नियमों के तहत आवेदक का किसी भी बैंक में एनपीए (NPA) खाता नहीं होना चाहिए। हालांकि, SMA-0 श्रेणी के खातों पर बैंक विचार करेंगे और इसके लिए न्यूनतम क्रेडिट ब्यूरो स्कोर (CIBIL) की कोई बाध्यता नहीं होगी।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज (Documents) हैं जरूरी?
पात्र हितग्राहियों को अपने नजदीकी नगरीय निकाय या बैंक में आवेदन के साथ निम्नलिखित अभिलेख जमा करने होंगे:
- पहचान पत्र: आवेदक का पहचान पत्र, पैन कार्ड और एक्टिव सेविंग बैंक अकाउंट (बचत खाता) पासबुक की कॉपी।
- वेंडिंग सर्टिफिकेट: शहरी स्थानीय निकायों (ULB) या ब्लॉक कार्यालयों द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट (प्रमाण पत्र), सिफारिश पत्र (LOR) या विभागीय पहचान पत्र।
- पते का सबूत: यदि आवेदक का वर्तमान पता उसके पहचान पत्र में दर्ज पते से अलग है, तो उसे वर्तमान निवास स्थान का एक वैध साक्ष्य (जैसे किरायानामा या बिजली बिल) देना होगा।
यश भारत विशेष: सरकार ने राज्य के सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि वे ‘स्वनिधि महोत्सवों’ और स्थानीय मेलों के माध्यम से विशेष शिविर (Camps) लगाएं, ताकि अंतिम छोर पर खड़े वेंडर्स के आवेदन तुरंत बैंकों को भेजकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
