Katni School Renovation: आधारकाप और खलवारा बाजार स्कूलों का बदलेगा हुलिया; DMF फंड से होगी मरम्मत, लापरवाही बरतने पर भुगतना होगा अंजाम- कलेक्टर आशीष तिवारी ने जारी किए 3.53 लाख रुपये
कटनी: आगामी वर्षा ऋतु (मानसून) के दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और उन्हें पढ़ाई में होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए कटनी जिला प्रशासन ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) मद से विकासखंड कटनी और विजयराघवगढ़ के दो शासकीय स्कूलों में आवश्यक मरम्मत कार्य कराने के लिए कुल ₹3,53,000 (3.53 लाख रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति जारी कर दी है। इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरी पारदर्शिता और गति के साथ पूरा करने के लिए संबंधित नगर निगम और नगर परिषद को निर्माण (क्रियान्वयन) एजेंसी नियुक्त किया गया है।
सर्वे के बाद मिली राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल से हरी झंडी
सरकारी स्कूलों की इस कायाकल्प योजना की रूपरेखा जमीनी स्तर पर तैयार की गई है:
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पहले हुआ सर्वे: जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केंद्र कटनी द्वारा सबसे पहले जर्जर और मरम्मत योग्य विद्यालयों का भौतिक सर्वे किया गया था। इसके बाद आवश्यक सुधार कार्यों का सटीक आकलन (एस्टीमेट) तैयार कर प्रस्ताव भेजा गया था।
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ऑनलाइन अप्रूवल: इस प्रस्ताव को डीएमएफ पोर्टल पर अपलोड कर विभागीय अनुमति हेतु भेजा गया था, जिसे तकनीकी परीक्षण के उपरांत राज्य शिक्षा केन्द्र, भोपाल द्वारा अंतिम रूप से प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
2. किस स्कूल के खाते में आई कितनी राशि?
कलेक्टर श्री तिवारी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, बजट का आवंटन निम्नानुसार किया गया है:
| विकासखंड (Block) | स्कूल का नाम | स्वीकृत राशि (Budget) | निर्माण एजेंसी |
| 1. कटनी | शासकीय प्राथमिक शाला (P.S.), आधारकाप | ₹1.26 लाख | संबंधित नगर निगम |
| 2. विजयराघवगढ़ | शासकीय कन्या प्राथमिक शाला (G.G.P.S.), खलवारा बाजार | ₹2.26 लाख | संबंधित नगर परिषद |
आबंटन के कड़े नियम: 3 महीने की डेडलाइन और 30-30-30 का फॉर्मूला
भ्रष्टाचार और लेती-लतीफी पर अंकुश लगाने के लिए कलेक्टर ने एजेंसी के लिए बेहद कड़े नियम और दिशा-निर्देश तय किए हैं: Katni School Renovation: आधारकाप और खलवारा बाजार स्कूलों का बदलेगा हुलिया; DMF फंड से होगी मरम्मत, लापरवाही बरतने पर भुगतना होगा अंजाम- कलेक्टर आशीष तिवारी ने जारी किए 3.53 लाख रुपये
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तकनीकी मापदंड अनिवार्य: सभी निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों और स्वीकृत प्राक्कलन के अनुसार ही किए जाएंगे। काम में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाए जाने पर पूरी जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होगी।
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सिर्फ सरकारी जमीन पर काम: कार्य केवल शासकीय भूमि पर ही किया जाएगा। यदि भूमि निजी या वन क्षेत्र में आती है, तो संबंधित विभागों की लिखित अनुमति और वैध प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
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समय सीमा: सभी मरम्मत कार्य आगामी तीन माह (3 महीने) की समय अवधि के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करने होंगे। यदि कार्य में देरी होती है और लागत बढ़ती है, तो बढ़ी हुई राशि का भुगतान एजेंसी को खुद भुगतना होगा।
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भुगतान का फॉर्मूला: ठेकेदार या एजेंसी को भुगतान किश्तों में किया जाएगा। इसके तहत 30-30-30 प्रतिशत की तीन किश्तें काम की प्रगति के आधार पर जारी होंगी, जबकि शेष 10 प्रतिशत राशि कार्य पूरी तरह मुकम्मल होने और फाइनल वेरिफिकेशन के बाद मिलेगी। अगली किश्त पाने के लिए कार्य के फोटोग्राफ और माप पुस्तिका (Measurement Book) की कॉपी लगाना अनिवार्य होगा।
