Home Loan लेने से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान, पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की ब्याज दरें जानें
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होम लोन (Home Loan) होम लोन लेने वाला व्यक्ति अपनी फाइनेंशियल स्थिति को देखते हुए अलग-अलग लेंडर्स की तरफ से दी जाने वाली विभिन्न ब्याज दर की तुलना करता है. यह इसलिए जरूरी हो जाता है क्योंकि कम ब्याज दरों से EMI का बोझ कम होता है
होम लोन के इंटरेस्ट रेट्स कई फैक्टर्स की वजह से प्रभावित होते हैं, जिसमें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का रेपो रेट, उधारकर्ता का रिस्क असेसमेंट और लोन के प्रकार शामिल हैं. आरबीआई की रेपो रेट वह रेट है जिस पर बैंक आरबीआई से पैसे उधार लेते हैं. जब आरबीआई रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए पैसे उधार लेना अधिक महंगा हो जाता है, जिससे होम लोन के इंटरेस्ट रेट्स भी बढ़ जाते हैं.
इसलिए होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले उधारदाताओं को ब्याज दर चेक कर उसकी तुलना जरूर करनी चाहिए. साथ ही लोन के टर्म्स एंड कंडीशन, जैसे लोन अमाउंट, प्रोसेसिंग फीस और समय अवधि आदि पर भी विचार करना चाहिए.