Gwalior GRMC Controversy: ग्वालियर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कैंटीन का विवादित ठेका निरस्त, जांच के डर से डीन डॉ. धाकड़ ने खुद पलटा अपना फैसला

Gwalior GRMC Controversy: ग्वालियर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कैंटीन का विवादित ठेका निरस्त, जांच के डर से डीन डॉ. धाकड़ ने खुद पलटा अपना फैसला

Gwalior GRMC Controversy: ग्वालियर सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कैंटीन का विवादित ठेका निरस्त, जांच के डर से डीन डॉ. धाकड़ ने खुद पलटा अपना फैसला

ग्वालियर: ग्वालियर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कैंटीन संचालन के अनुबंध (Agreement) को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे भारी बवाल और अनियमितताओं के आरोपों पर आखिरकार गाज गिर गई है। इस पूरे मामले में चौतरफा घिरे गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने एक बड़ा यू-टर्न लेते हुए कैंटीन संचालन का ठेका तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) कर दिया है।

अस्पताल में ‘अराईज एवं अवे फाउंडेशन समिति’ को दिए गए इस कैंटीन ठेके की निरस्तीकरण के बाद पूरे मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

 खुद ही ठेका बांटा और अब खुद ही किया निरस्त!

इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प, चौंकाने वाला और विवादास्पद पहलू यही है कि जिस नियम-कायदों को ताक पर रखकर की गई अनुबंध प्रक्रिया पर लगातार गंभीर सवाल उठाए जा रहे थे, उसे किसी और ने नहीं बल्कि खुद डीन कार्यालय द्वारा ही हरी झंडी दी गई थी।

 क्या था पूरा विवाद और ‘अराईज फाउंडेशन’ का खेल?

सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए कैंटीन का ठेका ‘अराईज एवं अवे फाउंडेशन समिति’ को दिया गया था:

अब आगे क्या? नए सिरे से जारी होगा टेंडर!

विवादित ठेका निरस्त होने के बाद अब सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में मरीजों के परिजनों के लिए कैंटीन की व्यवस्था अस्थाई तौर पर प्रभावित हो सकती है।

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