सीटों की संख्या तो बढ़ी पर डॉक्टर ही गायब: Gwalior GRMC में 24% फैकल्टी पद खाली, रिक्तियों के मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर
सीटों की संख्या तो बढ़ी पर डॉक्टर ही गायब: Gwalior GRMC में 24% फैकल्टी पद खाली, रिक्तियों के मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर!

सीटों की संख्या तो बढ़ी पर डॉक्टर ही गायब: Gwalior GRMC में 24% फैकल्टी पद खाली, रिक्तियों के मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के प्रतिष्ठित गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) में डॉक्टरों और फैकल्टी की भारी कमी ने चिकित्सा शिक्षा और मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में खाली पदों के मामले में GRMC दूसरे स्थान पर है।
कॉलेज में एमबीबीएस (MBBS) की सीटें 200 से बढ़ाकर 250 तो कर दी गईं, लेकिन स्वीकृत 353 फैकल्टी पदों में से 83 पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। लगभग 24 प्रतिशत विशेषज्ञ डॉक्टरों के न होने से कॉलेज और उससे जुड़े अस्पतालों की व्यवस्थाएं चरमरा रही हैं।सीटों की संख्या तो बढ़ी पर डॉक्टर ही गायब: Gwalior GRMC में 24% फैकल्टी पद खाली, रिक्तियों के मामले में प्रदेश में दूसरे नंबर पर
प्रदेश में खाली पदों का गणित: इंदौर-भोपाल से भी आगे ग्वालियर
मध्य प्रदेश के शासकीय मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों के मामले में:
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जबलपुर: प्रथम स्थान पर
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ग्वालियर (GRMC): दूसरे स्थान पर
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इंदौर: तीसरे स्थान पर
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भोपाल: चौथे स्थान पर
पढ़ाई से लेकर सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं पर असर
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मरीजों का इलाज प्रभावित: सीमित डॉक्टरों पर अतिरिक्त कार्यभार होने की वजह से मरीजों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श और उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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शिक्षा की गुणवत्ता पर संकट: एमबीबीएस सीटें बढ़ने के बावजूद प्रोफेसरों की कमी से मेडिकल छात्रों की प्रैक्टिकल और थ्योरी पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
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अस्पताल विस्तार ठप: फैकल्टी की अनुपलब्धता के कारण सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में नई चिकित्सा सुविधाएं शुरू करने की योजनाएं अटकी हुई हैं।
कॉलेज प्रशासन का पक्ष
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, रिक्त पदों को भरने के लिए लगातार विज्ञापन निकाले जा रहे हैं और प्रयास जारी हैं। हालांकि, पर्याप्त संख्या में योग्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता न हो पाने के कारण नियुक्तियाँ समय पर नहीं हो पा रही हैं।








