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पयूर्षण पर्व के प्रथम दिन जैन बोर्डिंग हाउस में आयोजित हुई धर्मसभा, पदम सागर महाराज ने पयूर्षण पर्व को बताया आत्मानुभूति का महापर्व

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कटनी(YASHBHARAT.COM)। दि.जैन समाज पंचायत महासभा के तत्वाधान में पयूर्षण पर्व के प्रथम दिवस जैन बोर्डिंग हाउस में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुये प.पू. 108 पदम सागर महाराज ने कहा कि आत्मानुभूति का महापर्व है। दशलक्षण पर्यूषण पर्व हम इसे अनादिकाल से परंपरा अनुसार मनाते आ रहे है और आगे भी मनाते रहेंगे। क्यों कि इसका संबंध आत्मा और उसकी विशुद्धी से है। इसलिये इसे जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा विशेष रूप से मनाया जाता है। यह हमेंं आत्मा और शरीर से भेद-विज्ञान करना सिखाता है। मुनिश्री ने आगे बतलाया कि पाप से बचने का और भव बंधन से छूटने का सबसे अच्छा उपाय है इसलिऐ इसे जैन परंपरा में दशलक्षण पर्व पर्वाधिराज भी कहा जाता है। इस अवसर पर श्री 1008 पार्श्वनाथ दिग. जैन पंचायती बड़ा मंदिर, श्री 1008 चन्द्रप्रभ दिग.जैन सिंघई मंदिर, श्री 1008 पार्श्वनाथ दिग.जैन हाउसिंग बोर्ड मंदिर,श्री 1008 शांतिनाथ दिग.जैन रूंगटा कॉलोनी जैन मंदिर, श्री 1008 पार्श्वनाथ दिग.जैन पंचायती कांच मंदिर,श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिग.जैन पंचायती गौशाला मंदिर, श्री 1008 चन्द्रप्रभ दि.जैन बंगला मंदिर, चेतनोदय कैलवारा झुरही स्थित श्री 1008 मुनिसुव्रत नाथ चेतनोदय तीर्थक्षेत्र जैन मंदिर में प्रातः श्रावक-श्राविकाओं द्वारा महामस्तकाभिषेक, पूजन, आरती कर धर्मलाभ लिया ।

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