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Court News: कोर्ट में नोटिस के बाद भी गायब रहना पड़ा भारी, जज ने कहा- ‘चुप रहने का मतलब जुर्म कबूल’

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Katni: अदालत द्वारा जारी नोटिस और समन को गंभीरता से न लेना एक पक्ष को भारी पड़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अब इस केस में एकतरफा सुनवाई (Ex-Parte Hearing) का फैसला किया है।

​मिली जानकारी के अनुसार, संबंधित पक्ष को अदालत की ओर से बाकायदा नोटिस जारी कर तय समय सीमा के भीतर तलब किया गया था। कोर्ट का स्पष्ट निर्देश था कि वह अदालत के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे। इसके बावजूद, न तो वह स्वयं अदालत में हाजिर हुआ और न ही उसकी ओर से कोई कानूनी प्रतिनिधि, जवाब या सफाई पेश की गई।

चुप्पी को माना अपराध की स्वीकारोक्ति

अदालत ने आरोपी या संबंधित पक्ष के इस रवैये को न्याय प्रक्रिया में बाधा और अदालत की अवमानना के रूप में देखा। माननीय न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नोटिस मिलने के बाद भी कोई जवाब न देना या कोर्ट से दूरी बना लेना, एक तरह से ‘अपराध की मूक स्वीकृति’ (Implied Admission) है।

​जब कोई पक्ष अपना बचाव करने के लिए आगे नहीं आता, तो कानूनन यह मान लिया जाता है कि उसके पास आरोपों को खारिज करने के लिए कोई तथ्य नहीं हैं। इसी आधार पर अदालत ने मामले को आगे न लटकाते हुए, मौजूद साक्ष्यों और दूसरे पक्ष की दलीलों के आधार पर एकतरफा सुनवाई शुरू करने का आदेश दे दिया है। अब इस मामले में जल्द ही अंतिम फैसला आने की उम्मीद है।

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