हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: दमोह के गंगा-जमुना स्कूल मामले में FIR रद्द करने से इंकार, याचिकाएं खारिज

हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: दमोह के गंगा-जमुना स्कूल मामले में FIR रद्द करने से इंकार, याचिकाएं खारिज

दमोह/जबलपुर। दमोह स्थित गंगा-जमुना हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं पर कथित तौर पर अनिवार्य हिजाब थोपने और धार्मिक प्रथाएं लागू कराने के मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से आरोपियों को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मामले में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने से साफ इंकार करते हुए याचिकाएं खारिज कर दी हैं।

कोर्ट का रुख: आरोप पहली नजर में निराधार नहीं

न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने स्कूल के पूर्व पदाधिकारियों शैलेन्द्र कुमार जैन, अब्दुल वसीम बारी, शिक्षक अनास अतहर और चपरासी रुस्तम अली की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने टिप्पणी की:

क्या था पूरा विवाद?

पुलिस जांच के बाद धारा 295-ए, 120-बी, 506, किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में पुलिस पहले ही चार्जशीट (आरोपपत्र) दाखिल कर चुकी है।

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