एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव: एलिमिनेशन राउंड के 22वें दिन 2 और प्रत्याशी बाहर, 7 का निर्वाचन तय; अब 28 में मुकाबला
एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव: एलिमिनेशन राउंड के 22वें दिन 2 और प्रत्याशी बाहर, 7 का निर्वाचन तय;अब 28 में मुकाबला
जबलपुर (यश भारत डॉट कॉम नेटवर्क): मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल निर्वाचन-2026 की द्वितीय चरण की मतगणना में एलिमिनेशन राउंड का 22वां दिन पूरा हो चुका है।122 उम्मीदवारों के साथ शुरू हुई इस बहुप्रतीक्षित चुनावी प्रक्रिया में मुकाबला अब केवल 28 प्रत्याशियों के बीच सिमट कर रह गया है।एमपी स्टेट बार काउंसिल चुनाव: एलिमिनेशन राउंड के 22वें दिन 2 और प्रत्याशी बाहर, 7 का निर्वाचन तय;अब 28 में मुकाबला
94 प्रत्याशी रेस से बाहर, मतों के स्थानांतरण से मुकाबला रोचक
एलिमिनेशन राउंड के 22वें दिन दो और उम्मीदवार चुनावी रेस से बाहर हो गए हैं:
डा. प्रवीण तिवारी(रीवा, क्रमांक 70)
शेख अलीम(इंदौर, क्रमांक 102)
इन दो निष्कासनों के साथ ही चुनाव से बाहर होने वाले कुल प्रत्याशियों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है। बाहर हुए उम्मीदवारों के मतों के स्थानांतरण (Transfer of Votes) की प्रक्रिया जारी है, जिससे शेष बचे 28 प्रत्याशियों के बीच समीकरण बेहद दिलचस्प हो गए हैं।
7 प्रत्याशियों ने पार किया कोटा, जीत सुनिश्चित
मतगणना के वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, 7 प्रत्याशियों ने जीत के लिए निर्धारित कोटा सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद इनका स्टेट बार काउंसिल का सदस्य चुना जाना तय माना जा रहा है:
राकेश सिंह भदौरिया(इंदौर, क्र. 89)
अखिलेश कुमार सक्सेना(इंदौर, क्र. 5)
आर.के. सिंह सैनी(जबलपुर, क्र. 73)
विवेक सिंह(इंदौर, क्र. 121)
संदीप मेहता(उज्जैन, क्र. 97)
नित्यानंद मिश्रा(जबलपुर, क्र. 61)
हितोषी जय हार्डिया(इंदौर, क्र. 40)
ये पुरुष उम्मीदवार भी बढ़त में
कोटा पार करने वाले 7 प्रत्याशियों के अलावा मतगणना के इस दौर में पांच अन्य प्रमुख पुरुष प्रत्याशी भी मजबूत स्थिति में बने हुए हैं:
नरेन्द्र कुमार जैन(इंदौर)
मनीष तिवारी(जबलपुर)
जितेन्द्र कुमार शर्मा(ग्वालियर)
गौरख मिश्रा(ग्वालियर)
अखंड प्रताप सिंह(रीवा)
महिला आरक्षण से पलट सकता है पासा
इस चुनाव में अंतिम परिणाम केवल एलिमिनेशन के आधार पर ही तय नहीं होंगे। महिला वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण के कारण मतों के स्थानांतरण और महिला उम्मीदवारों के प्रदर्शन का अंतिम परिणामों को तय करने में बड़ा योगदान रहेगा।रेस से बाहर हो चुकी महिला प्रत्याशी भी आरक्षण नियमों के चलते अंतिम सूची में जगह बना सकती हैं, इसलिए अंतिम चरण में महिला प्रत्याशियों की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होगी।