रंगनाथनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 9 हजार नाइट्राजेपाम टैबलेट के साथ दो आरोपी गिरफ्तार नशे के अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार, पुलिस ने 2.25 लाख रुपये की नशीली गोलियां कीं जब्त

रंगनाथनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 9 हजार नाइट्राजेपाम टैबलेट के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

नशे के अवैध कारोबार पर कड़ा प्रहार, पुलिस ने 2.25 लाख रुपये की नशीली गोलियां कीं जब्

कटनी। जिले को नशा मुक्त बनाने और अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत रंगनाथनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 9,000 नाइट्राजेपाम (नाइट्राबेट) टैबलेट के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप पुलिस अधीक्षक (अजाक) शिवा पाठक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अरुणपाल सिंह के नेतृत्व में क्षेत्र में लगातार गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की जा रही थी।

इसी दौरान 1 अगस्त 2026 को ऑर्डिनेंस फैक्ट्री ग्राउंड के पीछे पुलिस को दो युवक एक प्लास्टिक की बोरी लेकर संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिए। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम पंकज उर्फ देवा मिश्रा (38) निवासी बरगवां तथा देवा कोल (21) निवासी बरगवां, थाना रंगनाथनगर बताए।

तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 30 पैकेटों में रखी 9,000 नाइट्राजेपाम (नाइट्राबेट) टैबलेट बरामद हुईं। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि इन गोलियों का उपयोग नशे के लिए किया जाता है तथा प्रत्येक गोली की कीमत लगभग 25 रुपये है। पुलिस के अनुसार बरामद टैबलेट का कुल वजन 5.760 किलोग्राम है। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2.25 लाख रुपये बताया गया है।

पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 331/2026 के तहत धारा 8/21, 22 एनडीपीएस एक्ट एवं 5/13 मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी नशीली गोलियां कहां से खरीदकर लाते थे और इनके नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी अरुणपाल सिंह, सहायक उप निरीक्षक बहादुर सिंह, प्रधान आरक्षक लालजी यादव, महेंद्र दुबे, अजय तिवारी, असंत सिंह, उमरमन बागरी, रामनेश शुक्ला, आरक्षक वीरेंद्र दहायत, रोशन तिवारी, निर्भय सिंह, अंकित पटेल, संतोष यादव, महिला आरक्षक रूचिका, नीलम, एनआरएस रमजान, संदीप तथा साइबर सेल के आरक्षक अमित की उल्लेखनीय भूमिका रही।

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