मध्य प्रदेश में पहली बार लागू हुई ‘कम्युनिटी सर्विस’ की सजा: छोटे अपराधों पर अब नहीं जाना होगा जेल, करना पड़ेगा समाज सेवा का काम

मध्य प्रदेश में पहली बार लागू हुई ‘कम्युनिटी सर्विस’ की सजा: छोटे अपराधों पर अब नहीं जाना होगा जेल, करना पड़ेगा समाज सेवा का काम

भोपाल (yashbharat.com): मध्य प्रदेश के कानून और न्याय प्रणाली में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। प्रदेश में पहली बार छोटे या पहली बार किए गए अपराधों के लिए ‘सामुदायिक सेवा’ (Community Service) के दंड को प्रभावी कर दिया गया है।

अब अदालतें पहली बार अपराध करने वाले दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजने के बजाय उनसे अस्पताल में सफाई, पौधारोपण, यातायात नियंत्रण या वृद्धाश्रमों में सेवा जैसे जनहित के काम करा सकेंगी। गृह विभाग (Home Department) ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है।

BNSS के तहत मिली मंजूरी, 1 से 60 दिनों तक की होगी सजा

देशभर में 1 जुलाई 2024 से लागू हुई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में सामुदायिक सेवा का प्रावधान किया गया था। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के स्तर पर गहन परीक्षण और लंबे विचार-विमर्श के बाद इसे राज्य में लागू किया गया है।

इन अपराधों में मिलेगी सामुदायिक सेवा की सजा

यह राहत केवल पहली बार अपराध करने वालों और कम गंभीरता वाले मामलों में ही मिलेगी:

  1. मानहानि (Defamation) के मामले।

  2. नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव या दुर्व्यवहार करना।

  3. 5,000 रुपये से कम की पहली बार की गई चोरी।

  4. आत्महत्या का प्रयास (Attempt to Suicide)।

  5. लोक सेवक (Public Servant) द्वारा कानून के निर्देशों की अवहेलना करना।

योग्यता के हिसाब से तय होगा काम (Skill-Based Service)

अधिसूचना के अनुसार, यदि दोषी व्यक्ति कोई कुशल पेशेवर (Professional) है—जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या वकील—तो अदालत उसकी योग्यता का इस्तेमाल जरूरतमंद या वंचित वर्ग के कल्याण के लिए कर सकती है।

सजा तय करते समय इन बातों का रखा जाएगा ध्यान:

आदेश न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई

यदि दोषी कम्युनिटी सर्विस के आदेश का पालन नहीं करता है:

कहां और क्या काम करना होगा?

संस्थान / विभाग आवंटित किए जाने वाले कार्य
अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र सफाई, रखरखाव और सेवा कार्य।
नगर निगम / पंचायत / पार्क सार्वजनिक स्थानों की सफाई, खरपतवार हटाना, देखभाल।
पुलिस थाना परिसर परिसर की सफाई, यातायात (Traffic) व भीड़ नियंत्रण में सहयोग।
वन विभाग पौधारोपण करना, पौधों में पानी देना और देखभाल।
अनाथालय, वृद्धाश्रम व पशु आश्रय बुजुर्गों, बच्चों और जानवरों की देखरेख व सेवा कार्य।
चिड़ियाघर व संग्रहालय सफाई, रखरखाव और लिपिकीय (Clerical) सहायता।
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