सऊदी अरब पर हूती हमलों पर भारत का सख्त रुख: ‘अस्वीकार्य हैं हमले, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा’

सऊदी अरब पर हूती हमलों पर भारत का सख्त रुख: ‘अस्वीकार्य हैं हमले, क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा’

नई दिल्ली: यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के विभिन्न शहरों पर किए गए हालिया बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की तीखी निंदा करते हुए इन्हें “अस्वीकार्य” करार दिया है और स्पष्ट किया है कि ऐसे कृत्य पूरे पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) की सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर रूप से कमजोर करते हैं।

हूतियों ने हाल ही में सऊदी अरब के खमीस मुशायत, आभा और ताइफ जैसे शहरों के अलावा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और मक्का शहर को निशाना बनाने की कोशिश की थी, जिससे बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और कई नागरिक घायल हुए।

भारत का आधिकारिक बयान: ‘यमन के बिगड़ते हालात चिंताजनक’

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में भारत का रुख स्पष्ट करते हुए कहा:

पाकिस्तान का बयान: ‘सऊदी की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे’

सऊदी अरब पर हुए हमलों के बाद पाकिस्तान का भी बयान सामने आया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब की रक्षा के लिए “बिना किसी शर्त” के हर हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद कूटनीतिक और भौतिक (सैन्य) दोनों स्तरों पर सऊदी साम्राज्य के साथ खड़ा है।

‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौता’

गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ (Makkah Joint Defence Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत तीनों में से किसी भी एक देश पर हुआ सशस्त्र हमला सभी तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।

सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ता तनाव

सऊदी अरब और यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हूतियों द्वारा लाल सागर (Red Sea) और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य क्षेत्र में जहाजों व तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने से वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

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