होशंगाबाद। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 17 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले भोपाल के आरटीओ एजेंट अशफाक का सुराग अब तक सिटी कोतवाली पुलिस को नहीं लगा है। अशफाक की तलाश में कोतवाली की दो टीम बनाई गई है। दोनों टीमें एसडीओपी मंजू चौहान के निर्देशन में काम करेंगी। टीआइ संतोष सिंह चौहान ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि भोपाल निवासी आरटीओ एजेंट अशफाक ने साजिश के तहत ही 17 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए दस्तावेज होशंगाबाद आरटीओ कार्यालय में पहुंचाए थे। इसके लिए होशंगाबाद के एजेंट गुड्डू रघुवंशी ने मदद की थी। इस काम के एवज में मोटा कमीशन भी गुड्डू को दिया जाने वाला था।
टीआइ का कहना है कि गुड्डू का नाम एफआइआर में उल्लेखित है, लेकिन गुड्डू को सीधे तौर पर आरोपित नहीं बनाया गया है। अशफाक की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जाएगी। जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। होशंगाबाद पुलिस के अधिकारियों ने ने भोपाल पुलिस के आला अधिकारियों से भी मामले को लेकर संपर्क साधा है।
मामले से जुड़े जांच अधिकारियों का कहना है कि किसी बड़ी कंपनी में वाहन चालक की नौकरी पाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी। पुलिस अब नकली आधार कार्ड बनाने वाले व्यक्ति की तलाश कर रही है, दरअसल ये आधारकार्ड भी भोपाल में ही बनाए गए हैं।
गौरतलब है कि 13 नवंबर को सिटी कोतवाली पुलिस ने परिवहन अधिकारी के प्रतिवेदन पर कार्रवाई करते हुए 17 लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज तेनगुरिया का कहना है कि फर्जी तरीके से ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कराने की कोशिश हुई है। सिवनी, धार, भोपाल में कुछ लाइसेंस पहले बन चुके हैं, उन्हीं लाइसेंस का नवीनीकरण होने वाला था, लेकिन दस्तावेजों में संदेह होने पर जांच कराई गई। जिसके बाद पूरा मामला सामने आ सका।

