Assembly Election Results 2018 LIVE: त्रिपुरा, नगालैंड में खिला ‘कमल’, मेघालय में फंसा पेंच तो BJP-कांग्रेस ने भेजे अपने ‘दूत’
राजनीतिक डेस्क। उत्तर पूर्व के तीन राज्यों त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में वोटों की गिनती जारी है. त्रिपुरा में सीपीएम के पुराने गढ़ को बीजेपी ढाहती दिख रही है. इस बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता किरण रिजिजू ने कहा कि उनकी पार्टी त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय तीनों राज्यों में सरकार बनाएगी.
इस बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह चुनावी नतीजों को लेकर आज शाम 3.30 बजे मीडिया को संबोधित करेंगे. वहीं पीएम नरेंद्र मोदी शाम 6 बजे बीजेपी मुख्यालय जाएंगे.
मेघालय में कांग्रेस नेता और मौजूदा मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने अंपति और सोंगसोक की दोनों ही सीटों पर जीत दर्ज की है. यहां अब तक प्राप्त रुझानों में कांग्रेस 23 सीटों पर बढ़त/जीत के साथ सबसे आगे चल रही है. हालांकि यहां एनपीपी 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. वहीं एनपीपी यहां 12 सीटों पर आगे हैं, जबकि 16 पर अन्य को बढ़त है. यहां बीजेपी 8 सीटों के साथ ही तीसरे स्थान पर है.
बीजेपी महासचिव राम माधव ने त्रिपुरा और नगालैंड में इस जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत को श्रेय दिया. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेघालय विभाजित रिजल्ट की तरफ जा रहा है. वहां गैर कांग्रेस सरकार बनाने के लिए हेमंत जी मेघालय जाएंगे.
त्रिपुरा में मुख्यमंत्री मानिक सरकार धनपुर विधानसभा सीट पर आगे हैं. भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष विप्लव कुमार देव बनमालीपुर सीट से और पार्टी के विधायक सुदीप राय बर्मन अगरतला सीटों पर आगे बन हुए हैं.
नार्थ ईस्ट में बीजेपी के इस शानदार प्रदर्शन के कर्णधार माने जा रहे हैं हिमंत बिस्वशर्मा ने इस प्रदर्शन का सेहरा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पर बांधा है. उन्होंने कहा, अमित शाह के फैसलों ने उनकी काफी मदद की. पार्टी के कई लोग यहां गठबंधन करना नहीं चाहते थे, उनका कहना था कि आईपीएफटी के साथ गठबंधन करना हमारे लिए आत्मघाती हो सकता है, लेकिन अमित शाह ने इसका समर्थन किया. उन्हें यकीन था कि इससे हमें अच्छे नतीजे मिलेंगे.
त्रिपुरा चुनावों को लेकर आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा नॉर्थ इस्ट की राजनिति में पैसे का खेल चला है. अगर मानिक सरकार हार गए, तो मतलब होगा कि ईमानदार सरकार हार गई. वहीं आप नेता आशुतोष ने ट्वीट कर कहा कि बीजेपी की त्रिपुरा में जीत बड़ी बात है. लेफ्ट को अपनी पुरानी मानसिकता से बाहर निकलकर खुद को दोबारा खड़ा करना होगा. लेफ्ट को नए विचार और युवा नेताओं को अब मौका देना चाहिए.