टी-20 विश्व कप के मैच में क्रिकेट सट्टा खिलाते बुकी गिरफ्तार, मोबाइल फोन सहित नगदी बरामद

कटनी(YASH BHARAT.COM)। टी-20 विश्व कप शुरू होते ही शहर से लेकर उपनगरीय क्षेत्र में क्रिकेट सट्टे की विसात बिछना शुरू हो गई है। कहीं पुलिस की मदद से तो कहीं चोरी चुपके मैच शुरू होते ही हर बाल पर दांव लगना शुरू हो गए हैं। ऐसा नहीं कि क्रिकेट सट्टे के संचालन होने की जानकारी पुलिस के पास नहीं है। कम से कम प्रत्येक थाने में पदस्थ निचले स्तर के स्टाफ को तो एक-एक जगह की जानकारी है, जहां क्रिकेट का सट्टा खिलाया जाता है। निचले स्तर का स्टाफ हर दिन क्रिकेट का सट्टा पकड़ता भी है लेकिन मौके पर ही ले देकर मामला सलटा दिया जाता है, थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती है। यह बात और है कि ज्यादा हो हल्ला होने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का दबाव पडऩे पर क्रिकेट सट्टे से जुड़े छोटे बुकियों को पकड़ कर कार्रवाई का दिखावा किया जाता है। ऐसी ही एक दिखावे की कार्रवाई माधवनगर थाना अंतर्गत की गई है। माधवनगर पुलिस ने टी-20 विश्वकप मैच पर मोबाइल आईडी के जरिए हर गेंद पर दांव लगवा रहे एक सटोरिये को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। हालांकि चर्चा है कि पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक महज एक प्यांदा है जबकि सट्टे के इस खेल के असली मास्टर माइंड अभी भी पुलिस की पहुंच पकड़ से कोसो दूर हंै। बहरहाल माधवनगर पुलिस के द्धारा क्र्रिकेट सट्टे के विरूद्ध की गई कार्रवाई के संबंध में बताया जाता है कि पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि एमईएस कालोनी माधवनगर में वैभव आइसक्रीम के पास वाली गली में मोबाइल ऐप के जरिए क्रिकेट सट्टा संचालित हो रहा है। टीम ने जब दबिश दी तो वहां टी-20 मैच की हर गेंद और ओवर पर सट्टे की बुकिंग की जा रही थी। पुलिस ने मौके से हॉस्पिटल लाइन निवासी 20 वर्षीय ईशान्त फेरवानी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक वन प्लस मोबाइल और 2500 रुपये नगद जब्त किए हैं। मामले की जांच में मानसरोवर कालोनी निवासी अजय थारवानी का नाम भी सामने आया है। बहरहाल पुलिस आरोपी के विरूद्ध सट्टा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच में जुट गई है।

किस तरह होता है क्रिकेट सट्टा

क्रिकेट सट्टा (Online Cricket Betting) मैच परिणाम, व्यक्तिगत खिलाड़ी के प्रदर्शन (टॉप बल्लेबाज/बॉलर), और मैच के दौरान के इवेंट्स (जैसे ओवर/अंडर रन) पर पैसा लगाना है। 1xBet India और Parimatch India जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर, लोग UPI या नेट बैंकिंग का उपयोग करके लाइव मैच के दौरान दांव लगाते हैं, जिसमें टॉस और मौसम की स्थिति अहम होती है। यह भारत में अवैध है और एक उच्च जोखिम वाला गतिविधि है।

क्रिकेट सट्टे के प्रमुख प्रकार

मैच विजेता (Match Winner): यह सबसे आम दांव है, जहाँ आप भविष्यवाणी करते हैं कि कौन सी टीम जीतेगी।

टॉप बल्लेबाज/बॉलर: मैच या पारी में सबसे ज्यादा रन या विकेट लेने वाले खिलाड़ी पर दांव।

ओवर/अंडर (Over/Under): रनों या विकेटों की कुल संख्या की भविष्यवाणी करना (जैसे 20 ओवर में 150+ रन)।

लाइव सट्टेबाजी (Live Betting): मैच शुरू होने के बाद, बदलते ऑड्स (odds) के आधार पर दांव लगाना।

सट्टेबाजी की प्रक्रिया:

ट्रस्टेड वेबसाइट: एक लाइसेंस प्राप्त और भरोसेमंद बेटिंग साइट का चयन करें।

पंजीकरण और जमा: खाता बनाकर सुरक्षित तरीके से पैसे जमा करें।

दांव लगाना (Placing Bets): मैच चुनें, दांव का प्रकार चुनें और राशि (stake) लगाएं।

निकासी (Withdrawal): जीतने पर KYC प्रक्रिया पूरी करके राशि निकालें।

महत्वपूर्ण टिप्स और जोखिम:

टॉस और मौसम: टॉस और मौसम के मिजाज का मैच के परिणाम पर बड़ा असर पड़ता है।

खतरे: भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी एक गैरकानूनी माफिया सिंडिकेट के साथ जुड़ी हुई है।

जोखिम: यह एक अत्यंत जोखिम भरा खेल है और इसमें वित्तीय नुकसान की उच्च संभावना है।

भारत में क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़े कड़े कानून हैं और अधिकांश राज्यों में सार्वजनिक जुआ अधिनियम (Public Gambling Act) के तहत इसे अवैध माना जाता है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से कई गंभीर खतरे हो सकते हैं:

वित्तीय जोखिम: सट्टेबाजी में धन की हानि की संभावना बहुत अधिक होती है, जिससे गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो सकता है।

कानूनी परिणाम: अवैध सट्टेबाजी में शामिल पाए जाने पर कारावास या भारी जुर्माने का प्रावधान है।

साइबर सुरक्षा: सट्टेबाजी वाली कई वेबसाइटें असुरक्षित होती हैं, जिससे व्यक्तिगत जानकारी और बैंक विवरण चोरी होने का खतरा रहता है।

धोखाधड़ी: कई बार सट्टेबाजी के सिंडिकेट धोखाधड़ी करते हैं, जहाँ जीतने के बावजूद पैसे नहीं दिए जाते।

Exit mobile version