विशाल आभार रैली में शामिल होने 20 फरवरी को विजयराघवगढ़ आयेंगे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
विधायक संजय पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की भेंट , 2 उच्च स्तरीय पुल और सड़कों को मिली स्वीकृति
50 हजार एकड़ भूमि को सिंचित करने की योजना देने के लिए विजयराघवगढ़ की जनता जताएगी मुख्यमंत्री का आभार
कटनी(YASHBHARAT.COM)। विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भेंट कर पिछले दिनों उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट से स्वीकृत हुई 50 हजार एकड़ भूमि सिंचित करने वाली दो सिंचाई परियोजनाओं के लिए क्षेत्र की संपूर्ण जनता की ओर से आभार जताया उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से विजयराघवगढ़ विधानसभा की जनता और किसानों की ओर से विजयराघवगढ़ आने और जनता की ओर से आभार धन्यवाद स्वीकार करने के लिए आमंत्रित किया।
डॉ मोहन यादव ने दी नदी पर पुलों एवं सड़कों की सौगात
विधायक संजय पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से भेंट कर पत्र के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कटनी एवं महानदी पर पुलों एवं गांवों को जोड़ने के लिए सड़को के प्रस्ताव दिए उन सभी प्रस्ताव को डॉ मोहन यादव ने सहर्ष स्वीकार करते हुए स्वीकृति प्रदान की । इन प्रस्तावों में कटनी नदी पर घूंसुर को कांटी क्षेत्र से जोड़ने के लिए उच्च स्तरीय पुल, महानदी पर बकेली से गुड़ेहा पिपरा को जोड़ने के लिए उच्च स्तरीय पुल इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में सुगमआवागमन की दृष्टि से ग्राम रोहनिया से गाेंइंद्रा जिवारा मार्ग निर्माण, ग्राम कुंआ से कुठिया मोहगवां मार्ग निर्माण, ग्राम करौंदीखुर्द से बिचपुरा जाजागढ़ मार्ग, ग्राम कारीतलाई से गुडेहा मार्ग ,बरही खितौली रोड पर टेड़ी पुलिया से ऊटिन टोला मार्ग निर्माण, हदरहाटा सलैया सिहोरा मार्ग के निर्माण को स्वीकृत किया है ।
2 सिंचाई परियोजनाओं से विजयराघवगढ़ की 50 हजार एकड़ भूमि होगी सिंचित
पिछले दिनों कैबिनेट की मंजूरी के बाद विजयराघवगढ़ विधानसभा के 30 ग्राम पंचायतों की 20 हजार हेक्टेयर या 50 हजार एकड़ से अधिक भूमि को बाण सागर डैम के पानी को दो लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से प्रेशर पाइप से खेतों तक पानी पहुंचाने वाली धनवाही एवं बरही सूक्ष्म उद्यम सिंचाई योजनाओं को स्वीकृति मिल गई। इन दोनों योजनाओं में लगभग 616 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा जिससे मैहर जिले के 7 एवं कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा के 30 ग्राम पंचायतों की 50 हजार एकड़ खेतों तक पानी की लाइन बिछाकर कनेक्शन के माध्यम से भूमि को सिंचित किया जाएगा।

