धार भोजशाला विवाद: ‘नमाज़ की वैकल्पिक जगह 2 किमी दूर क्यों?’ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
धार भोजशाला विवाद: 'नमाज़ की वैकल्पिक जगह 2 किमी दूर क्यों?' मुस्लिम पक्ष की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
धार भोजशाला विवाद: ‘नमाज़ की वैकल्पिक जगह 2 किमी दूर क्यों?’ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
नई दिल्ली/धार: धार स्थित विवादित भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर मामले में सुप्रीम कोर्ट अब शुक्रवार को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है। मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुक्रवार की नमाज़ के लिए चिन्हित की गई वैकल्पिक जगह पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि प्रशासन ने जो ज़मीन नमाज़ के लिए दी है, वह भोजशाला परिसर से काफी दूर है, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
‘900 मीटर या 2 किलोमीटर?’ दूरी पर उलझा मामला
मुस्लिम पक्ष का दावा: वरिष्ठ अधिवक्ता हुजैफा अहमदी ने कोर्ट में कहा कि शीर्ष अदालत के आदेश के मुताबिक ज़मीन भोजशाला के बिल्कुल पास होनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन ने 2 किलोमीटर दूर जगह दी है। इस वजह से एक शुक्रवार की नमाज़ पहले ही छूट चुकी है।
सॉलिसिटर जनरल की सफाई: राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दूरी 900 मीटर बताई। हालांकि, उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिया कि अधिकारी परिसर के और पास दूसरी उपयुक्त जगह की तलाश कर रहे हैं और वे खुद इस मामले को व्यक्तिगत रूप से देखेंगे। धार भोजशाला विवाद: ‘नमाज़ की वैकल्पिक जगह 2 किमी दूर क्यों?’ मुस्लिम पक्ष की याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
‘कोर्ट के आदेश का भावना के अनुरूप हो पालन’ – सुप्रीम कोर्ट
मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने सख्त लहजे में टिप्पणी करते हुए कहा कि अदालत के आदेश का पालन उसकी मूल भावना (Letter and Spirit) के अनुरूप होना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले 14 जुलाई की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसला आने तक अंतरिम व्यवस्था के तौर पर मुसलमानों को पास ही नमाज़ अदा करने के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।