सिंगापुर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच मंगलवार को होने वाली ऐतिहासिक मुलाकात पर दुनियाभर की नजर लगी हुई है। रिजॉर्ट द्वीप सेंटोसा स्थित “कैपेला होटल” में ट्रंप और किम सुबह नौ बजे मुलाकात करेंगे। उससे पहले उच्चस्तरीय कूटनीतिक वार्ताओं का दौर जारी है। सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि किम के साथ उनकी वार्ता बहुत दिलचस्प होगी और उन्हें इससे “अच्छे” नतीजे निकलने की उम्मीद है। दोनों देशों के अधिकारी मतभेद कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि बातचीत बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है और हमें लगता है कि जितना हमने सोचा था, उससे भी पहले किसी नतीजे पर पहुंच जाएंगे। शिखर बैठक की पूर्व संध्या पर पत्रकारों से बात करते हुए पोंपियो ने कहा कि संपूर्ण, सत्यापन योग्य और अपरिवर्तनीय परमाणु निरस्त्रीकरण से कम हमें कुछ भी मंजूर नहीं है। इसके बदले अमेरिका उत्तर कोरिया के लिए अद्वितीय सुरक्षा इंतजाम करेगा। हम ऐसी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराएंगे, जो परमाणु निरस्त्रीकरण के बदले प्योंगयांग के लिए कोई बुरा सौदा नहीं होगा। पोंपियो ने कहा कि दोनों नेताओं का आमने-सामने बैठना इस बात का संकेत है कि इसका लाभ दोनों देशों और पूरी दुनिया को मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि ट्रंप और किम इस बैठक के लिए रविवार को ही सिंगापुर पहुंच चुके हैं। 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद से दोनों देशों के शासनाध्यक्षों की यह पहली मुलाकात है। इस बीच में इन देशों के राष्ट्र प्रमुखों ने फोन पर भी बातचीत नहीं की है।
बात नहीं बनी तो कड़े कदम
- अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने कहा कि हमें अपने रिश्ते सुधारने का ऐतिहासिक अवसर मिला है।
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किम को अपने देश में शांति और समृद्धि लाने का ऐसा मौका मिला है, जो पहले कभी नहीं आया था।
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हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि उत्तर कोरिया के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध फिलहाल लागू रहेंगे।
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यदि कूटनीतिक तरीके से समस्या का समाधान नहीं निकला तो फिर प्रतिबंध और कड़े किए जाएंगे।
यह है वार्ता का उद्देश्य
इस वार्ता का उद्देश्य उत्तर कोरिया के परमाणु हथियार के जखीरे के कारण ट्रंप और किम के बीच बनी खाई को पाटना है। उत्तर कोरिया की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल महत्वाकांक्षा ने दुनिया की पेशानी पर बल डाल रखा है। पिछले साल दोनों नेताओं के बीच जमकर शब्दबाण चले थे और दोनों ओर से अपशब्दों की बौछार हुई थी। ऐसे में दोनों का बातचीत के लिए तैयार होना अप्रत्याशित बदलाव है।
खाने में पुलाव, चिकन करी भी
शिखर वार्ता को कवर करने दुनियाभर से करीब 3000 पत्रकार सिंगापुर पहुंचे हैं। उनके लिए 45 व्यंजन तैयार किए गए हैं, जिनमें मशहूर भारतीय व्यंजन पुलाव और चिकन करी भी शामिल हैं। स्थानीय एवं अन्य देशों के पत्रकारों को ध्यान में रखकर व्यंजन सूची तैयार की गई है। पुलाव, चिकन करी, चिकन कोरमा, दाल और पापड़ जैसे भारतीय व्यंजन “एफ1 पिट बिल्डिंग” में परोसे जाएंगे। “एफ1 पिट बिल्डिंग” शिखर वार्ता का आधिकारिक मीडिया केंद्र है। पत्रकारों को सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम, थाईलैंड, कोरिया प्रायद्वीप, अमेरिका, फ्रांस समेत कई अन्य देशों के व्यंजन भी परोसे जाएंगे।
बैठक का खर्च उठा रहा सिंगापुर
ट्रंप और किम की बैठक का पूरा खर्च सिंगापुर उठा रहा है। इस पर लगभग दो करोड़ डॉलर (लगभग 135 करोड़ रुपये) खर्च आने का अनुमान है। आइएएनएस के अनुसार, सिंगापुर सरकार किम जोंग उन और उनके प्रतिनिधिमंडल के होटल में रहने का खर्च भी उठा रही है। सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने कहा कि यह किम के प्रति हमारी सौहार्दता है, जो हमें दिखानी चाहिए। जैसा कि उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन या इसके बिना भी सिंगापुर आना उनको अच्छा लगता। उत्तर कोरियाई नेता सेंट रेजिस होटल में ठहरे हुए हैं।
सुरक्षा में गोरखा जवान तैनात
सिंगापुर ने ट्रंप और किम की शिखर बैठक की सुरक्षा के लिए नेपाल के गोरखों की सेवा ली है। सिंगापुर ने शिखर बैठक के लिए जो सुरक्षा बल तैनात किया है उसमें भूरी बेरेट टोपी, जिरह-बख्तर और राइफलों से लैस गोरखा पुलिस अधिकारी सबसे जुदा दिखते हैं। इसके अलावा ट्रंप और किम का निजी सुरक्षा दस्ता भी आया है। गोरखा सिंगापुर के लिए नए नहीं हैं। वे 1949 से ही सिंगापुर की पुलिस सेवा का हिस्सा हैं। रिपोटोर् के अनुसार फिलहाल सिंगापुर में 1800 गोरखा पुलिस अधिकारी हैं। उन्हें नेपाल से लाकर उच्च सुरक्षा वाले कार्यक्रमों में हमेशा तैनात किया जाता है।
