कौन सा बड़ा निर्णय लेने वाले हैं पीएम मोदी? बीजेपी के दिग्गजों को भी नहीं पता

नई दिल्ली। संसद का विशेष सत्र में पीएम नरेंद्र मोदी के विशेष सत्र की शुरुआत के पहले मीडिया को दिए संबोधन में ऐतिहासिक निर्णय लेने की बात कहने से यह चर्चा और तेज हो गई है कि आखिर सरकार कौन से ऐतिहासिक विधेयक सामने ला सकती है, जिससे देश की तस्वीर बदल जाएगी। क्या यह महिला आरक्षण विधेयक हो सकता है या सरकार समान नागरिक संहिता पर अगला कदम आगे बड़ा सकती है। खास बात यह है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं को भी भनक नहीं कि आखिर पीएम मोदी कौन सा निर्णय लेने वाले हैं।

किसलिए चाहिए बड़ा मुद्दा?
दरअसल, संसद के इस विशेष सत्र को सरकार के लिए 2024 का चुनाव जीतने के लिए किसी बड़े एजेंडे को लाने के अंतिम अवसर की तरह देखा जा रहा है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सरकार इस सत्र में किसी बड़े कदम की घोषणा कर मतदाताओं को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर सकती है।

चूंकि, नई संसद की शुरुआत गणेश चतुर्थी के अवसर पर हो रही है, अपने आप में यह हिंदू मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की एक कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। इस अवसर पर गणेश पूजा भी की जाएगी। इससे भी लोगों में सकारात्मक संदेश जाने की बात की जा रही है।

संसद के विशेष सत्र के लिए सरकार ने अब तक जिन एजेंडों को सार्वजनिक किया था, उनको लेकर राजनीतिक गलियारों में कोई विशेष उत्सुकता नहीं देखी जा रही थी। विपक्ष का संदेह था कि डाक विधेयक और प्रेस और पत्र-पत्रिका विधेयक जैसे मुद्दे इतने महत्त्वपूर्ण नहीं हैं कि इसके लिए सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाती। उसे लगता है कि सरकार अपने किसी छिपे एजेंडे को लेकर सामने आ सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष सत्र की शुरुआत के पहले मीडिया को दिए संबोधन में ऐतिहासिक निर्णय लेने की बात कहने से यह चर्चा और तेज हो गई है कि आखिर सरकार कौन से ऐतिहासिक विधेयक सामने ला सकती है, जिससे देश की तस्वीर बदल जाएगी। क्या यह महिला आरक्षण विधेयक हो सकता है या सरकार समान नागरिक संहिता पर अगला कदम आगे बड़ा सकती है।

Exit mobile version