तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस पर विविध कार्यक्रम हुए आयोजि
कटनी-प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जन-जागरूकता हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन 32 एमपी बटालियन एनसीसी के निर्देशानुसार, एनसीसी कैडेट्स, राष्ट्रीय हरित कोर योजना, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं रेड रिबन क्लब के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार वाजपेयी, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. माधुरी गर्ग, राष्ट्रीय हरित कोर योजना प्रभारी प्रोफेसर ज्योत्सना आठ्या के निर्देशन में संपन्न हुआ। एनसीसी अधिकारी मेजर डॉ. सरदार दिवाकर एवं डॉ. आर.पी. सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार वाजपेयी ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज मानव समाज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रकृति और मानव के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक होना होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। तथा मिशन लाइफ शपथ विद्यार्थियों को दिलाई गई कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई गई तथा विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
वनस्पति शास्त्र विभागाध्यक्ष एवं इको क्लब प्रभारी श्रीमती ज्योत्सना आठ्या ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग ही सतत विकास का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. माधुरी गर्ग ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान सामूहिक प्रयासों और जन-जागरूकता से ही संभव है। उन्होंने दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने पर बल दिया।
डॉ. रुक्मणि प्रताप सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने जल संरक्षण, प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग तथा स्वच्छता के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। वंदना तथा पंचम लाल कुशवाहा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत व्यक्ति के दैनिक जीवन से होती है। यदि प्रत्येक नागरिक प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग में संयम बरते और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। सुनैना सेन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस का विषय नहीं, बल्कि निरंतर निभाई जाने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्वयंसेवकों की ओर से वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प व्यक्त किया तथा युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
डॉ विनय वाजपेई, डॉ व्ही के द्विवेदी, डॉ सरदार दिवाकर, डॉ अतुल कुमार, राजेश साहू सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
