ढीमरखेडा कि लभेर नदी में तीन विशाल मगरमच्छ दिखने से दहशत, वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

ढीमरखेडा कि लभेर नदी में तीन विशाल मगरमच्छ दिखने से दहशत, वन विभाग ने जारी की एडवाइजर

कटनी। जिले की ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम कंजिया से होकर बहने वाली लभेर नदी में बुधवार सुबह एक साथ तीन विशालकाय मगरमच्छ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लंबे समय बाद एक साथ तीन मगरमच्छ नजर आने की घटना से आसपास के गांवों के लोगों, पशुपालकों और किसानों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों के अनुसार लभेर नदी वर्षों से खेती-किसानी, मवेशियों को पानी पिलाने और दैनिक उपयोग का प्रमुख जल स्रोत रही है। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि पहले इस नदी में मगरमच्छ दिखाई नहीं देते थे, लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों से कभी-कभार उनकी मौजूदगी देखने को मिल रही है। इस बार एक साथ तीन बड़े मगरमच्छ नजर आने से लोगों में भय का माहौल है।

सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वन विकास निगम के अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी है।

वन विकास निगम (कुंडम परियोजना) के रेंजर जुहैद हुसैन ने बताया कि लभेर नदी में तीन मगरमच्छ होने की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। मगरमच्छों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए जल्द ही रेस्क्यू टीम बुलाई जाएगी। साथ ही गांव में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और नदी से दूर रहने की अपील की जा रही है।

वन विभाग की अपील

रेस्क्यू अभियान पूरा होने तक नदी किनारे जाने से बचें।

मवेशियों को नदी में पानी पिलाने या नहलाने न ले जाएं।

बच्चों को नदी के आसपास अकेले न जाने दें।

मगरमच्छ दिखाई देने या किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।

वन विभाग का कहना है कि रेस्क्यू अभियान तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देकर प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

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