Wednesday, May 27, 2026
Latest:
jabalpurमध्यप्रदेश

Jabalpur: परियट जलाशय के मगरमच्छ गांवों में दिखे, सूचना के बाद भी नहीं पहुंची टीम

 

Jabalpur: परियट जलाशय के मगरमच्छ गांवों में दिखे, सूचना के बाद भी नहीं पहुंची टीम। कड़ाके की ठंड का असर अब वन्य जीवों पर भी स्पष्ट दिखने लगा है। तापमान गिरने के साथ जलचर जीव धूप की तलाश में जलाशयों और नदियों से बाहर निकल रहे हैं। इन्हीं में शामिल मगरमच्छ इन दिनों परियट जलाशय और नदी किनारे बसे गांवों तक पहुंचने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में खौफ बढ़ गया है।

IAS संतोष वर्मा होंगे बर्खास्त, CM मोहन यादव ने भेजा प्रस्ताव, सभी पदों से भी हटाया

Jabalpur: परियट जलाशय के मगरमच्छ गांवों में दिखे, सूचना के बाद भी नहीं पहुंची टीम

परियट के आसपास स्थित मटामर, घाना, रिठौरी, पिपरिया और आसपास की कॉलोनियों में धूप सेंकते मगरमच्छ अक्सर दिखाई दे रहे हैं। कई बार ये भटककर रहवासी इलाकों तक पहुंच जाते हैं और शिकार की तलाश में घरों के आसपास मंडराते भी देखे गए हैं।

ग्रामीणों ने कई बार वन विभाग को सूचना दी, लेकिन विभाग की टीम मौके पर पहुंचने में लापरवाही बरत रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारी सिर्फ रेस्क्यू का आश्वासन देते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।

शिवलिंग पर चढ़ाई गई चिकन ग्रेवी: गर्रा में सनातन विरोधी हरकत से तनाव

परियट नदी मगरमच्छों का सुरक्षित ठिकाना, बढ़ते इंसानी दखल से भटक रहे जलचर

जानकारी के अनुसार, परियट नदी मगरमच्छों का प्राकृतिक रहवास बन चुकी है। घाना क्षेत्र के चाकघाट में इनकी भारी संख्या में मौजूदगी पाई जाती है। अनुमान है कि परियट नदी में 1000 से अधिक मगरमच्छ मौजूद हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि लगातार इंसानी दखल और नदी किनारे गतिविधियां बढ़ने से मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास सिमट रहा है। इसी कारण वे अब गांवों के करीब पहुंच रहे हैं और कई बार घरों में घुसने की कोशिश भी करते हैं।

पालतू श्वानों और मवेशियों पर हमला करने के कई मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि अभी तक किसी मानव को नुकसान नहीं पहुंचा है। इसके बावजूद ग्रामीण भय और असुरक्षा का माहौल महसूस कर रहे हैं।

ग्राम पंचायतों की मांग-मगरमच्छों के बढ़ते खतरे पर वन विभाग कार्रवाई करे

ग्राम सरपंचों ने कई बार वन विभाग को ज्ञापन देकर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मगरमच्छ गतिविधियों पर नियंत्रण की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग तत्काल रेस्क्यू टीम बढ़ाए और बेतरतीब भटकन को रोकने की व्यवस्था करे।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

Jabalpur: परियट जलाशय के मगरमच्छ गांवों में दिखे, सूचना के बाद भी नहीं पहुंची टीम

 

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि