हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत व्याख्यान एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित,भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा एवं साहित्य की भूमिका पर छात्राओं ने रखे विचार

हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत व्याख्यान एवं निबंध प्रतियोगिता आयोजित,भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा एवं साहित्य की भूमिका पर छात्राओं ने रखे विचार

कटनी। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी (म.प्र.) में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के तत्वावधान में हिंदी दिवस के अवसर पर 14 सितंबर से 28 सितंबर 2026 तक हिंदी पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत छात्राओं की रचनात्मकता, अभिव्यक्ति-कौशल एवं हिंदी भाषा के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

 

इसी क्रम में 17 सितंबर 2026 को व्याख्यान प्रतियोगिता तथा 18 सितंबर 2026 को निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। दोनों प्रतियोगिताओं का विषय “भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी भाषा एवं साहित्य की भूमिका” रखा गया। प्रतियोगिताओं में महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा विषय के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।

 

व्याख्यान प्रतियोगिता में छात्राओं ने हिंदी भाषा के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं प्रसार में हिंदी की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। छात्राओं ने बताया कि हिंदी भाषा भारतीय साहित्य, लोक परंपराओं, संस्कृति, दर्शन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक चेतना को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम रही है।

 

वहीं निबंध प्रतियोगिता में छात्राओं ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयामों तथा हिंदी भाषा एवं साहित्य के योगदान को अपने लेखन के माध्यम से प्रस्तुत किया। छात्राओं ने हिंदी साहित्य में निहित भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों, लोकज्ञान, आध्यात्मिक चिंतन एवं सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करते हुए विषय पर अपने विचारों को तार्किक एवं रचनात्मक रूप से अभिव्यक्त किया।

 

महाविद्यालय में आयोजित इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य केवल भाषा-कौशल का विकास करना ही नहीं, बल्कि छात्राओं को अपनी समृद्ध भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना भी है। कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश दिया गया कि हिंदी हमारी सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत को संरक्षित रखने के साथ-साथ ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों को समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

 

हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित गतिविधियों से छात्राओं में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होने के साथ-साथ लेखन, वाचन एवं अभिव्यक्ति कौशल को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। महाविद्यालय द्वारा पखवाड़े के आगामी कार्यक्रमों में छात्राओं की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें प्रेरित किया जा रहा है।

 

महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि हिंदी पखवाड़े के माध्यम से छात्राओं को हिंदी भाषा की समृद्ध साहित्यिक परंपरा, भारतीय संस्कृति तथा ज्ञान-विरासत से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि युवा पीढ़ी अपनी भाषायी एवं सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक होकर उसके संरक्षण और संवर्धन में अपनी भूमिका निभा सके।

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