शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस पर कार्यक्रम आयोजित
शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस पर कार्यक्रम आयोजि
कटनी -उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ, भौतिक विभाग एवं लाइफ मिशन गतिविधि के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस के अवसर पर विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया तथा भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की ओर से कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के अंतर्गत प्राचीन ग्रंथों में अक्षय ऊर्जा से संबंधित उपबंधों पर विषय विशेषज्ञ का व्याख्यान, भारतीय ऋषि-मुनियों द्वारा अक्षय ऊर्जा के उत्पादन एवं संरक्षण पर केंद्रित लघु चलचित्र का प्रदर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं अक्षय ऊर्जा विषय पर निबंध प्रतियोगिता तथा ऊर्जा संरक्षण हेतु शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा संकल्प लिया गया।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा विश्व की समृद्ध एवं प्राचीन परंपराओं में से एक है। भारतीय मनीषियों एवं वैज्ञानिकों ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने अद्वितीय शोध, चिंतन एवं नवाचारों से विज्ञान को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने छात्राओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरणा लेकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि चतुर्वेदी ने वेदों एवं प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सौर ऊर्जा, बायोगैस सहित विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की जानकारी देते हुए उन्हें भारतीय परंपरा से जोड़कर अक्षय ऊर्जा के महत्व एवं आवश्यकता को समझाया।
छात्राओं द्वारा निबंध प्रतियोगिता में बढ़कर हिस्सा लिया गया जिसमें शिवानी बर्मन बीएससी द्वितीय वर्ष व स्वाति दुबे बीएससी प्रथम वर्ष ने स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं गरिमामय संचालन श्रीमती प्रियंका सोनी द्वारा किया गया। अंत में श्रीमती रश्मि सिंह ने अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता में सभी के सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. रोशनी पाण्डेय, श्रीमती स्मृति दहायत, श्रीमती श्वेता कोरी एवं श्रीमती मीनाक्षी वर्मा का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में अक्षय ऊर्जा के प्रति जागरूकता विकसित करना, ऊर्जा संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच संबंध को समझाना रहा।








