अपराधी 2 मिनट में ठग रहे, पुलिस कछुए जैसी- साइबर ठगी पर मध्य प्रदेश पुलिस पर भड़का जबलपुर हाई कोर्ट

साइबर ठगी पर मध्य प्रदेश पुलिस की ढिलाई पर भड़का हाई कोर्ट: 'अपराधी मिनटों में लूट रहे, पुलिस कछुए की चाल चल रही'

अपराधी 2 मिनट में ठग रहे, पुलिस कछुए जैसी- साइबर ठगी पर मध्य प्रदेश पुलिस पर भड़का जबलपुर हाई कोर्ट

जबलपुर : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ ने राज्य में साइबर अपराधों की जांच में हो रही भारी देरी पर पुलिस प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई है। मामला साइबर ठगी से जुड़ा हुआ था, जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी ने कहा कि जहाँ एक तरफ डिजिटल अपराधी कुछ ही मिनटों में पूरी वारदात को अंजाम देकर गायब हो जाते हैं, वहीं हमारी जांच एजेंसियां कछुए की धीमी गति से काम कर रही हैं।

अदालत ने सख्त लहजे में टिप्पणी की कि जांच में ऐसी देरी के कारण पीड़ितों की ठगी गई रकम वापस मिलने (Recovery) की उम्मीद लगातार खत्म होती जाती है।

असम पुलिस की तारीफ, MP पुलिस की खिंचाई

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने जहाँ मध्य प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई, वहीं असम पुलिस की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। असम पुलिस ने महज 11 दिनों के भीतर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर मध्य प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया था।

राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित तंत्र की मांग

हाई कोर्ट ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि राज्यों, बैंकों और केंद्रीय जांच एजेंसियों (Central Agencies) के बीच आपसी तालमेल (Coordination) की भारी कमी है।

पश्चिम बंगाल और झारखंड के DGP तलब

पिछली सुनवाई में निर्देश के बावजूद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित न होने पर हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें अंतिम अवसर देते हुए अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के ज़रिए अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने की छूट दी है। अपराधी 2 मिनट में ठग रहे, पुलिस कछुए जैसी- साइबर ठगी पर मध्य प्रदेश पुलिस पर भड़का जबलपुर हाई कोर्ट

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