PNG को बढ़ावा देने के लिए बड़ा अभियान
सरकार और गैस वितरण कंपनियां मिलकर प्रदेश में PNG नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं। कई शहरों और आवासीय इलाकों में पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है, जहां अब 24×7 प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जा रही है।
इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित, सस्ता और लगातार उपलब्ध गैस विकल्प देना है।
नया नियम: LPG और PNG साथ नहीं
नई अधिसूचना के अनुसार, अब कोई भी उपभोक्ता एक साथ LPG सिलेंडर और PNG कनेक्शन नहीं रख सकेगा। जिन घरों में दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। PNG कनेक्शन लेने के बाद उपभोक्ता LPG सिलेंडर का उपयोग भी नहीं कर पाएंगे।
3 महीने बाद बंद होगी LPG आपूर्ति
जहां-जहां PNG पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां संबंधित उपभोक्ताओं को नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस मिलने के तीन महीने बाद उस पते पर LPG सिलेंडर की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
कंपनियां कर रही जागरूकता अभियान
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियां घर-घर जाकर लोगों को PNG कनेक्शन के लिए प्रेरित कर रही हैं। कॉलोनियों और अपार्टमेंट्स में कैंप लगाकर इसकी जानकारी दी जा रही है।
सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि PNG न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसमें लगातार सप्लाई मिलती है, जिससे उपभोक्ताओं को सिलेंडर की झंझट से भी राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में गैस सप्लाई सिस्टम तेजी से बदल रहा है और आने वाले समय में PNG रसोई गैस का मुख्य विकल्प बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। UP PNG Policy: रोज 2000 नए कनेक्शन, 3 महीने बाद कई इलाकों में बंद होगी LPG सप्लाई