ममता का किला ढहा: शुकेंदू शेखर के इस्तीफे के बाद BJP नेता के घर पहुंचे TMC के दिग्गज सांसद; बंगाल में फिर बड़ा खेला

ममता का किला ढहा: शुकेंदू शेखर के इस्तीफे के बाद BJP नेता के घर पहुंचे TMC के दिग्गज सांसद; बंगाल में फिर बड़ा खेला

नई दिल्ली / कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर एक बहुत बड़ा भूचाल आ गया है। ममता बनर्जी की सरकार जाने के ठीक बाद अब पार्टी टूटने की कगार पर खड़ी है। टीएमसी के कई दिग्गज सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने खुलेआम बागी तेवर अख्तियार कर लिए हैं।

ताजा घटनाक्रम में, टीएमसी के बागी सांसद और नेता अचानक दिल्ली पहुंचे हैं, जहाँ उन्होंने भाजपा (BJP) के कद्दावर नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर एक बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण बैठक की है। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिसके बाद बंगाल की राजनीति में फिर से एक बड़े ‘खेले’ की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ममता का किला ढहा: शुकेंदू शेखर के इस्तीफे के बाद BJP नेता के घर पहुंचे TMC के दिग्गज सांसद; बंगाल में फिर बड़ा खेला

बैठक में शामिल बागी टीएमसी सांसदों और नेताओं के नाम:

भाजपा नेता के घर हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक में शामिल होने वाले तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरों के नाम अब सामने आ चुके हैं, जो इस प्रकार हैं:

शुकेंदू शेखर रॉय का इस्तीफा और दिल्ली में मौजूदगी

इस बगावत की कमान संभाल रहे टीएमसी के वरिष्ठ नेता शुकेंदू शेखर रॉय ने आज ही तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा से अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके तुरंत बाद वे दिल्ली में बागी सांसदों की इस बैठक में शामिल होने पहुंचे। बताया जा रहा है कि बैठक में शर्मिला सरकार और अरूप चक्रवर्ती समेत कुल 5 मौजूदा सांसद व्यक्तिगत रूप से टेबल पर मौजूद थे, जबकि अन्य नेता भी उनके संपर्क में हैं।

तृणमूल कांग्रेस में अब तक की सबसे बड़ी टूट की आहट

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही टीएमसी बैकफुट पर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी के हाथ से सत्ता फिसलते ही पार्टी के भीतर सालों से पनप रहा असंतोष अब ज्वालामुखी बनकर फूट पड़ा है। एक साथ इतने सांसदों का दिल्ली में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और भाजपा आलाकमान के मंत्रियों से मिलना साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस को संसद से लेकर बंगाल तक बहुत बड़े बिखराव का सामना करना पड़ेगा।

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