Datia Bypoll Final Result: दतिया में बीजेपी को बड़ा झटका, कांग्रेस के घनश्याम सिंह 6,000+ वोटों से जीते; हार के बाद आशुतोष तिवारी बोले- “जनादेश सिर आंखों पर”
नरोत्तम मिश्रा के 'गढ़' में आखिर क्यों चुना गया आशुतोष को? जानिए बीजेपी के इस चौंकाने वाले फैसले के 4 बड़े कारण
Datia Bypoll Final Result: दतिया में बीजेपी को बड़ा झटका, कांग्रेस के घनश्याम सिंह 6,000+ वोटों से जीते; हार के बाद आशुतोष तिवारी बोले- “जनादेश सिर आंखों पर”
दतिया :मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में से एक दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। 15 राउंड की मतगणना पूरी होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार कुंवर घनश्याम सिंह ने 6,000 से अधिक वोटों के अंतर से शानदार जीत दर्ज कर ली है।
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का गढ़ रही इस सीट पर उम्मीदवार बदलकर युवा नेता आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारने का भाजपा का दांव काम नहीं आया और पार्टी को लगातार दूसरी बार यहाँ हार का सामना करना पड़ा है।
हार के बाद बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का पहला बयान
परिणामों की स्थिति साफ होने के बाद भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी मतगणना केंद्र पहुंचे और अपनी हार स्वीकार करते हुए मीडिया के सामने हाथ जोड़कर प्रतिक्रिया दी।
“यह जनता का जनादेश है और जनता जनार्दन के इस आदेश को मैं हाथ जोड़कर सहर्ष स्वीकार करता हूँ। चुनाव में हार के क्या कारण रहे, पार्टी स्तर पर इसकी पूरी और गहन समीक्षा की जाएगी।” — आशुतोष तिवारी, पराजित बीजेपी प्रत्याशी
दतिया नतीजे के 3 बड़े सियासी मायने
बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस की सेंध: 2023 के आम चुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की हार के बाद, उपचुनाव में भी भाजपा इस सीट को नहीं बचा सकी, जिससे विंध्य-बुंदेलखंड अंचल में पार्टी के स्थानीय समीकरणों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
घनश्याम सिंह का मजबूत जनाधार: चुनाव से ठीक पहले पार्टी के भीतर मचे घमासान और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के आरोपों-निलंबन के बावजूद घनश्याम सिंह अपनी ज़मीनी पकड़ के दम पर जीत हासिल करने में सफल रहे।
2028 से पहले मोहन सरकार को झटका: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रशासनिक नेतृत्व में लड़ा गया यह पहला बड़ा उपचुनाव था, जिसमें हार से बीजेपी संगठन में मंथन का दौर शुरू होना तय माना जा रहा है।