MP का सियासी पारा हाई: राज्यसभा चुनाव में BJP का ‘तीसरा दांव’; कांग्रेस को सताया ‘क्रॉस वोटिंग’ का डर, बाड़ाबंदी की तैयारी

MP का सियासी पारा हाई: बीजेपी के महेश केवट के मैदान में उतरते ही अलर्ट मोड पर कांग्रेस; आरिफ और कुणाल संभालेंगे कमान

भोपाल। मध्य प्रदेश के सियासी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। सूबे में राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election) के समीकरण अचानक बदल जाने से मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस में हड़कंप मच गया है। कांग्रेस विधायक दल में टूट और क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए आनन-फानन में विधायकों की ‘बाड़ाबंदी’ (Resort Politics) की कवायद शुरू कर दी गई है। MP का सियासी पारा हाई: बीजेपी के महेश केवट के मैदान में उतरते ही अलर्ट मोड पर कांग्रेस; आरिफ और कुणाल संभालेंगे कमान

इसी सिलसिले में आज सुबह भोपाल से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व विधायक कुणाल चौधरी विशेष विमान से अचानक दिल्ली पहुंच गए हैं। दोनों नेता आलाकमान के निर्देश पर विधायकों को सुरक्षित रखने और जरूरी व्यवस्थाएं जुटाने के लिए दिल्ली रवाना हुए हैं।

क्यों खड़ा हुआ संकट? बीजेपी के ‘तीसरे’ उम्मीदवार ने बढ़ाई टेंशन

दरअसल, राज्यसभा चुनाव में असली ट्विस्ट तब आया जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रणनीतिक दांव खेलते हुए अपने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट के नाम की घोषणा कर दी। बीजेपी के इस अप्रत्याशित कदम ने कांग्रेस के खेमे में खलबली मचा दी है।

अब कांग्रेस को डर सता रहा है कि चुनाव के दौरान उसके कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं या फिर क्रॉस वोटिंग (Cross-Voting) का शिकार हो सकते हैं।

मीनाक्षी नटराजन की राह मुश्किल, एकजुटता की परीक्षा

कांग्रेस ने इस बार मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके पक्ष में पार्टी के सभी वोटों को एकजुट रखना कांग्रेस नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।

पार्टी यह सुनिश्चित करना चाहती है कि मतदान के दिन तक कोई भी विधायक संपर्क से बाहर न हो। इसी वजह से कांग्रेस अपने विधायकों को किसी ऐसे राज्य में ‘शिफ्ट’ करने की तैयारी में है, जहाँ कांग्रेस की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है (जैसे कर्नाटक या हिमाचल प्रदेश), ताकि सभी विधायक एक छत के नीचे सुरक्षित रह सकें और पार्टी की चुनावी रणनीति मजबूत बनी रहे।

सियासी मायने: मध्य प्रदेश में हुए इस नए घटनाक्रम ने राज्यसभा चुनाव को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय बना दिया है। आरिफ मसूद और कुणाल चौधरी की दिल्ली रवानगी साफ इशारा कर रही है कि भोपाल से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस आलाकमान इस वक्त पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अगले कुछ घंटे मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद उतार-चढ़ाव भरे हो सकते हैं।

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