लखनऊ। नई दिल्ली के होटल हयात में पिस्टल लहराने से चर्चा में आए बसपा के पूर्व सांसद राकेश पांडेय के बड़े बेटे आशीष पांडेय नई दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर करने वाला है। यह बात उसने एक वीडियो जारी कर कही।
आशीष ने सफाई दी है ‘मैं एक बिजनेसमैन हूं, मेरे खिलाफ कोई मामला आज तक दर्ज नहीं है। आप होटल के सीसीटीवी देखकर बता सकते हैं कि गलती किसकी थी। मैं जल्द ही सरेंडर करूंगा। जो हथियार था वो लाइसेंसी है और मैंने किसी पर इसे ताना भी नहीं था। वो केवल मेरी सुरक्षा के लिए था। फिर भी मैं इस मामले पर बात करने के लिए पुलिस के सामने पेश होने के लिए तैयार हूं। मीडिया ट्रायल मुझे जरूर परेशान कर रहा है जैसे मैं कोई टेरेरिस्ट हूं। नेता का बेटा होने कोई गुनाह नहीं है।’
इससे पहले आशीष ने अपने दोस्तों को वॉट्सएप मैसेज किया था। बता दें कि पुलिस अभी तक आशीष को ढूंढ नहीं पाई है।
एक वॉट्सएप ग्रुप पर आशीष ने लिखा था ‘दोस्तों, मेरा एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह मेरी गलती थी, मुझसे भूल हुई है और इसके लिए मैं माफी मांगता हूं। चाहता हूं कि इस वक्त आप मेरे साथ खड़े रहें और इसे वायरल होने से रोकें। मैं वाकई क्षमा चाह रहा हूं कि मैंने आप सभी को निराश किया और खुद को भी। मेरी इस मुसीबत से निकलने में मदद करें।’
इसके जवाब में इसके दोस्तों ने लिखा ‘भाई यह तो वायरल हो चुका है। हमें भी यह तमाम जगह से मिल रहा है।’ इस पर आशीष ने ग्रुप छोड़ दिया।
आशीष के नेपाल भागकर शरण लेने की आशंका जताई जा रही है। मामला प्रकाश में आने के दो दिन बाद भी दिल्ली, लखनऊ और अंबेडकरनगर पुलिस के अलावा एसटीएफ के हाथ अभी खाली हैं।
इस बीच लखनऊ और अंबेडकरनगर में पुलिस ने विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी है। अंबेडकरनगर जिलाधिकारी सुरेश कुमार का कहना है कि एसपी की संस्तुति पर आशीष के तीनों असलहे पिस्टल, रायफल और दो नाली बंदूक का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। आशीष ने 1999 में हथियार का लाइसेंस बनवाया था। एडीजी कानून व्यवस्था आनंद कुमार के मुताबिक संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। दिल्ली पुलिस को स्थानीय पुलिस की टीम सहयोग कर रही है।
लखनऊ एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा कि आरोपित की आखिरी लोकेशन अंबेडकर नगर और बस्ती की सीमा पर मिली थी। पुलिस टीमें आरोपित के ठिकाने के बारे में पता लगा रही हैं। आशीष की तलाश में अंबेडकरनगर में मंगलवार की देर रात पुलिस की छापेमारी जारी रही। रात लगभग साढ़े नौ बजे पुलिस ने डालडा फैक्ट्री पर दबिश दी, जिसका गेट बंद मिला। पूर्व में आशीष इस फैक्ट्री का संचालन करता था। गांधी नगर स्थित पूर्व सांसद के आवास, पैतृक आवास कोटवा मिहमदपुर से भी पुलिस खाली हाथ लौटी। जलालपुर में भी कई ठिकानों पर दबिश दी गई। रात लगभग साढ़े दस बजे लखनऊ से एसटीएफ की छह सदस्यीय टीम भी पहुंची। इसके बाद बस्ती लोकेशन मिलने पर एसटीएफ सीधे वहां रवाना हो गई। संभावना जताई जा रही है कि आशीष को कुछ दिन नेपाल या अन्य ठिकानों पर रखने के बाद दिल्ली में समर्पण की तैयारी चल रही है।
