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कनाडा भेजने के लि‍ए 40 लाख का कर्ज लि‍या, फि‍र मां-बाप मरने से पहले लिखा सुसाइड नोट-“एक था बेटा”

कनाडा भेजने के लि‍ए 40 लाख का कर्ज लि‍या, फि‍र मां-बाप मरने से पहले लिखा सुसाइड नोट-"एक था बेटा"

कनाडा: कनाडा भेजने के लि‍ए 40 लाख का कर्ज लि‍या, फि‍र मां-बाप मरने से पहले लिखा सुसाइड नोट-“एक था बेटा”, ‘कोई गलती हुई हो तो माफ करना. तुम्हें कर्ज से निकालने के लिए मैंने लोगों से पैसे लिए. मैं शर्म की वजह से घर से नहीं निकल पा रहा था. भगवान से प्रार्थना है कि तेरा बेटा ऐसा न करे…’ सुसाइड नोट में ये बात कहते हुए गुजरात में एक बुजुर्ग दंपति ने आत्महत्या कर ली.

‘बेटा तू मुझे भूल गया लेकिन मैं तुझे और नाती को बहुत प्यार करता हूं. भगवान से प्रार्थना है कि तेरा बेटा ऐसा न करे…’ ये महज कुछ शब्द नहीं बल्कि विदेश में बसकर मां-बाप को भूल जाने वाले बेटे की करतूतों की कहानी है.

ये वेदना है उस बुजुर्ग दंपति की जिसने एक-एक पाई जोड़कर बेटे को कनाडा भेजा था. उसका 40 लाख रुपये का कर्ज भरा था. मगर, विदेश में बस जाने के बाद उसने मां-बाप की सुध नहीं ली. इससे आहत होकर बुजुर्ग दंपति ने आत्महत्या कर ली. हालांकि, ये खौफनाक कदम उठाने से पहले उन्होंने कागज के 4 पन्नों में अपना दर्द उकेर दिया.

गुजरात के सारथना क्षेत्र में 64 साल के चूनी भाई गेडिया पत्नी मुक्ताबेन गेडिया के साथ रहते थे. उनका बेटा पीयूष फाइनेंस के पेशे से जुड़ा था. सब कुछ अच्छा चल रहा था. मगर 4 साल पहले वो 40 लाख रुपये का कर्जदार हो गया. बेटे की इस परेशानी को दूर करने के लिए हर मां-बाप की तरह चूनी और उनकी पत्नी ने भी हर संभव कोशिश की.

जैसे-तैसे पैसे जोड़े और बेटे को कनाडा भेजा

एक-एक पाई जोड़कर, परिचितों और रिश्तेदारों से पैसे लेकर उन्होंने कुछ कर्ज उतारा. बेटा अपनी जिंदगी को फिर से जिए और बेहतर करे, इसके लिए उन्होंने जैसे-तैसे फिर से पैसे जोड़े और कनाडा जाने में उसकी मदद की. बीतते वक्त के साथ पीयूष की जिंदगी बेहतर होने लगी. अब मां-बाप को आस थी कि वो विदेश से पैसे भेजा और जो कर्ज लिया था, उसे उतारा जाएगा.

आत्महत्या करने से पहले 4 पेज का सुसाइड नोट लिखा
बुजुर्ग मां-बाप ने जो सोचा था, उससे ठीक उलट हुआ. कनाडा जाकर पैसे भेजना तो दूर पीयूष मां-बाप को ही भूल गया. कॉल करने पर वो उनसे कायदे से बात भी नहीं करता था. उसका ये बर्ताव मां-बाप को समझ नहीं आ रहा था. वो काफी परेशान रहने लगे. बेटे की बेरुखी से आजिज होकर उन्होंने आत्महत्या करने का फैसला कर लिया. खौफनाक कदम उठाने से पहले उन्होंने 4 पेज का नोट लिखा.

‘मैं शर्म की वजह से घर से नहीं निकल पा रहा था’
बेटे से माफी मांगते हुए बुजुर्ग पिता ने लिखा, ‘कोई गलती हुई तो माफ करना. तुम्हें कर्ज से निकालने के लिए मैंने लोगों से पैसे लिए थे. शर्म की वजह से घर से नहीं निकल पा रहा था. उनका और सामना नहीं कर सकता था, इसलिए मुझे उन्हें रुपये देने पड़े. बेटा तू मुझे भूल गया लेकिन मैं तुझे और अपने नाती को बहुत प्यार करता हूं. उसकी खूब याद आई. भगवान से प्रार्थना है कि तेरा बेटा ऐसा न करे’.

‘मैं दोस्तों और रिश्तेदारों को पैसे नहीं दे सकता हूं. इसलिए खुदकुशी कर रहा हूं. तुम्हारी वजह से मैं और मेरा बेटा रोड पर आ गए हैं. ठीक है, शायद ऊपर वाले को यही मंजूर होगा. हमसे कोई गलती हुई तो माफ करना. मरने के बाद अंतिम संस्कार में कोई खर्च मत करना’.

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