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भारत की तेल रणनीति: रूस फिर सबसे बड़ा सप्लायर, ब्राजील चौथे नंबर पर

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भारत की तेल रणनीति: रूस फिर सबसे बड़ा सप्लायर, ब्राजील चौथे नंबर पर, सरकार अब तेल आयात को लेकर ज्यादा विविधता ला रही है. ब्राजील से आयात बढ़ा है, जिससे वह भारत का चौथा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच रूस फिर से भारत के लिए सबसे बड़ा तेल सप्लायर बनता दिख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में थोड़ी गिरावट के बाद रूसी कच्चे तेल की सप्लाई तेजी से वापस बढ़ रही है

भारत की तेल रणनीति: रूस फिर सबसे बड़ा सप्लायर, ब्राजील चौथे नंबर पर

फरवरी में क्यों घटी रूस से खरीद

फरवरी में भारत ने रूस से तेल आयात कम किया था. यह करीब 32% घटकर लगभग 10 लाख बैरल प्रति दिन रह गया, जो जून 2025 के पीक का आधा है. इस दौरान इराक भारत का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया था.

मिडिल ईस्ट से आयात में उछाल

रूस से कमी के बीच मिडिल ईस्ट से तेल आयात बढ़ गया. इराक से आयात 11.8 लाख बैरल प्रति दिन तक पहुंच गया, जबकि सऊदी अरब से सप्लाई भी करीब 10 लाख बैरल प्रति दिन रही. कुल मिलाकर भारत के तेल आयात में मिडिल ईस्ट की हिस्सेदारी करीब 59% तक पहुंच गई.

रूस की वापसी तेज

हालांकि अब स्थिति बदल रही है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रूस से सप्लाई फिर बढ़कर करीब 18 लाख बैरल प्रति दिन हो गई है और मार्च में यह 2022 लाख बैरल प्रति दिन तक जा सकती है. Kpler के विश्लेषक का कहना है कि रूस अभी भी भारत की तेल रणनीति का अहम हिस्सा है.

सप्लाई पर असर डाल रहा तनाव

होर्मूज स्ट्रेट में बाधा और ईरान से जुड़े तनाव ने सप्लाई चेन पर असर डाला है, जिससे भारत को अपने सोर्स बदलने पड़े.

सप्लायर बढ़ाने की कोशिश

सरकार अब तेल आयात को लेकर ज्यादा विविधता ला रही है. ब्राजील से आयात बढ़ा है, जिससे वह भारत का चौथा सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है. भारत की तेल खरीद रणनीति लगातार बदल रही है. एक तरफ वह मिडिल ईस्ट के जोखिम को मैनेज कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ रूस समेत कई देशों से संतुलित तरीके से सप्लाई बनाए रखने की कोशिश कर रहा है.

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