कैंसर पर नई चुनौती: इम्यूनोथरेपी और टारगेटेड थेरेपी से बढ़ रही उम्मीदें

कैंसर पर नई चुनौती: इम्यूनोथरेपी और टारगेटेड थेरेपी से बढ़ रही उम्मीदें

कैंसर पर नई चुनौती: इम्यूनोथरेपी और टारगेटेड थेरेपी से बढ़ रही उम्मीदें। कैंसर के इलाज में अब केवल कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी ही नहीं, बल्कि इम्यूनोथरेपी और टारगेटेड थेरेपी भी प्रभावी तरीके से इस्तेमाल की जा रही हैं।

धुरंधर 2: सिर्फ एक फिल्म नहीं, ‘ऑपरेशन पाकिस्तान’ का ब्लू प्रिंट – आदित्य धर ने दिखाया न्यू इंडिया का स्ट्रैटेजिक विजन

कैंसर पर नई चुनौती: इम्यूनोथरेपी और टारगेटेड थेरेपी से बढ़ रही उम्मीदें

टारगेटेड थेरेपी:

यह कैंसर सेल्स के खास जीन या प्रोटीन को निशाना बनाती है, जिससे हेल्दी सेल्स पर कम असर पड़ता है। खासकर ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर में ज्यादा उपयोगी है।

इम्यूनोथरेपी:

यह मरीज के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाकर कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद करती है और छुपे कैंसर सेल्स पर भी हमला कर सकती है। डॉ. रोहित कपूर के मुताबिक, ये थेरेपी लंग कैंसर और कुछ ब्लड कैंसर के मामलों में जीवन बढ़ाने और बीमारी को लंबे समय तक कंट्रोल करने में मदद करती हैं। हालांकि, ये पूरी तरह साइड इफेक्ट-फ्री नहीं हैं और इनके लिए मरीजों का चयन टेस्ट के बाद ही किया जाता है। इन थेरेपी से कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीदें जग रही हैं, लेकिन खर्च भी ज्यादा हो सकता है।

Exit mobile version