MP में शिशु-मातृ मृत्यु दर और एनीमिया पर लगेगा ब्रेक, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और यूनिसेफ ने बनाया ‘एक्शन प्लान’
भोपाल: मध्य प्रदेश में शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने, कुपोषण को मिटाने और एनीमिया (खून की कमी) के प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य सरकार ने वैश्विक संस्था यूनिसेफ (UNICEF) के साथ मिलकर एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। इस बात की घोषणा प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने वल्लभ भवन (मंत्रालय) में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान की।MP में शिशु-मातृ मृत्यु दर और एनीमिया पर लगेगा ब्रेक, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और यूनिसेफ ने बनाया ‘एक्शन प्लान’
इस महत्वपूर्ण सौजन्य भेंट में यूनिसेफ इंडिया के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और हर संभव तकनीकी मदद का भरोसा दिया।
इन 4 बड़ी चुनौतियों पर होगा सीधा प्रहार
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जनभागीदारी (Public Participation) और अंतर्विभागीय समन्वय के जरिए प्रदेश की चार बड़ी सामाजिक और स्वास्थ्य चुनौतियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने जा रही है:
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शिशु एवं मातृ मृत्यु दर (IMR & MMR) में भारी कमी लाना।
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एनीमिया और कुपोषण का जड़ से खात्मा।
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उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) का सटीक और समय पर प्रबंधन।
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बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं की रोकथाम।
ग्राउंड लेवल पर मजबूत होगा हेल्थ सिस्टम
डिप्टी सीएम ने बताया कि चुनौतियों से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सरकार जिला स्तर पर विशेषज्ञों की भर्ती कर मानव संसाधन (स्टाफ) की कमी को दूर कर रही है। इसके साथ ही, ग्रामीण और शहरी स्तर पर हीमोग्लोबिन जांच (Hb Test) की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जरूरी आधुनिक उपकरण और मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मिलकर काम करेंगे कई सरकारी विभाग
श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि इन लक्ष्यों को अकेले स्वास्थ्य विभाग के दम पर हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के आपसी तालमेल (समन्वय) से एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने इस महाअभियान और कार्ययोजना के निर्माण में यूनिसेफ से तकनीकी सहयोग का विशेष आग्रह किया है।
मास्टर ट्रेनर्स को मिलेगी खास ट्रेनिंग: उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिसेफ राज्य के मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता निर्माण (Capacity Building) में सहयोग करे, ताकि वे आगे जिलों में स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित कर सकें। इससे उच्च जोखिम गर्भावस्था की समय पर पहचान, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की देखभाल को मजबूती मिलेगी।
पंचायतों के सहयोग से चलेगा जन-जागरूकता अभियान
प्रदेश में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने के लिए ग्राम पंचायतों के सहयोग से एक राज्य स्तरीय जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए डिप्टी सीएम ने यूनिसेफ से ऐसे सरल, स्पष्ट और प्रभावी संदेश (Slogans/Messages) तैयार करने को कहा है, जिन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पंच-सरपंचों और सामाजिक नेतृत्व के माध्यम से आम जनता तक व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सके।
यूनिसेफ ने की मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता की तारीफ
बैठक में मौजूद यूनिसेफ इंडिया के उप प्रतिनिधि (कार्यक्रम) श्री जैस्पर मिलर ने शिशु और मातृ स्वास्थ्य में सुधार के लिए मध्य प्रदेश सरकार की राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिबद्धता की खुलकर सराहना की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में यूनिसेफ इंडिया की चीफ फील्ड सर्विसेज सुश्री सोलेदाद हेरेरो, यूनिसेफ मध्य प्रदेश के प्रमुख श्री विलियम हैनलोन और मध्य प्रदेश के कम्यूनिकेशन स्पेशलिस्ट श्री अनिल गुलाटी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
