आशा कार्यकर्ता और एएनएम का सम्मान: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष समारोह
देश में स्वतंत्रता दिवस के आयोजन की तैयारियां धूमधाम से हो रही है, इस साल देश 78वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. 15 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी लाल किले से ध्वजारोहण करेंगे. इस कार्यक्रम में देश की 75 आशा कार्यकर्ता और एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइव्स) को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, इनके साथ इनके जीवनसाथियों को भी आमंत्रण दिया गया है
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने स्वतंत्रता दिवस में आमंत्रित विशेश अतिथियों से बातचीत की, इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्र के लिए दिए गए उनके योगदानों का सम्मान करते हुए 75 आशा और एएनएम को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया.
देश के लिए किए जा रहे प्रयासों की हुई सराहना
अनुप्रिया पटेल ने देश के लिए किए जा रहे अथक प्रयासों के लिए आशा और एएनएम की सराहना की और सम्मानित करने के साथ ही कहा कि 10.29 लाख से ज्यादा आशा और 89,000 एएनएम हमारे देश में सामुदायिक स्वास्थ्य की आधारशिला के रूप में काम करती हैं और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. उन्होंने आगे कहा कि आशा और एएनएम ने भारत में मातृ, शिशु और किशोर स्वास्थ्य के परिदृश्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर में गिरावट में योगदान
अनुप्रिया पटेल ने मातृ मृत्यु दर में आई गिरावट की बात करते हुए कहा कि मातृ मृत्यु दर में 82 फीसदी की गिरावट, टीकाकरण दरों में सुधार और शिशु मृत्यु दर में गिरावट लाने में आशा और एएनएम काफी महत्वपूर्ण हैं. उनके योगदान के बारे में जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि समुदायों को एकजुट करना, स्वास्थ्य सेवाओं को काफी ज्यादा सुविधाजनक बनाना, सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना इनके योगदान में शामिल है. इसके अलावा सबसे दूर के इलाकों और कमजोर आबादी तक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनका योगदान बहुत जरूरी रहा है.

