जीते-जी ‘मरा’ साबित हुआ व्यक्ति- AP के एलुरु में ऑपरेशन कराने अस्पताल पहुंचे मरीज को मिली खुद के मृत होने की खबर
एलुरु (आंध्र प्रदेश): आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले से सरकारी सिस्टम की एक ऐसी लापरवाही और धांधली की घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को हैरान कर दिया है। कालिदिंडी मंडल के कोरुकोल्लू गांव के निवासी येर्रामसेट्टी मुरलीकृष्ण नामक व्यक्ति जीवित होते हुए भी सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ (Dead) घोषित कर दिए गए हैं। इस बात का खुलासा तब हुआ जब गंभीर रूप से बीमार मुरलीकृष्ण इलाज और ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे।
आरोग्यश्री योजना और कार्ड से हुआ बड़ा खुलासा
पूरा मामला विस्तार से इस प्रकार है:
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बीमारी और आर्थिक तंगी: अपनी पत्नी से पारिवारिक विवाद के कारण अलग रह रहे मुरलीकृष्ण हाल ही में गंभीर रूप से बीमार पड़े थे। डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल ऑपरेशन कराने की सलाह दी।
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आरोग्यश्री योजना का सहारा: आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण उन्होंने राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजना ‘आरोग्यश्री’ (Arogyasri Scheme) के तहत ऑपरेशन कराने का निर्णय लिया और एक निजी अस्पताल से संपर्क किया।
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पोर्टल पर मिला झटका: जब अस्पताल कर्मियों ने आरोग्यश्री पोर्टल पर उनके पहचान पत्रों का ब्योरा दर्ज कर जांच की, तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें बहुत पहले ही मृत घोषित किया जा चुका है।
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इलाज से इनकार: सरकारी पोर्टल पर ‘मृत’ दर्ज होने के कारण उन्हें आरोग्यश्री योजना का पात्र नहीं माना गया और बिना इलाज कराए ही अस्पताल से निराश होकर लौटना पड़ा।
फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का आरोप और प्रशासनिक सवाल
पीड़ित मुरलीकृष्ण ने इस पूरी साजिश के पीछे गंभीर आरोप लगाए हैं:
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विजयवाड़ा नगर निगम पर आरोप: मुरलीकृष्ण का आरोप है कि विजयवाड़ा नगर निगम कार्यालय से उनके नाम का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र (Fake Death Certificate) जारी किया गया है।
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दोषियों पर कार्रवाई की मांग: पीड़ित और उनके छोटे भाई श्रीनिवास ने उच्च अधिकारियों से अपील की है कि उनके रिकॉर्ड में ‘जीवित’ होने का दर्जा तुरंत बहाल किया जाए, आरोग्यश्री के तहत तुरंत ऑपरेशन की सुविधा दी जाए और फर्जीवाड़ा करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
मुख्य सवाल: कटघरे में पूरा सिस्टम
इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं:
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क्या किसी रंजिश या संपत्ति विवाद के चलते फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया गया?
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विजयवाड़ा नगर निगम के किन अधिकारियों/कर्मचारियों ने बिना भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया?
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जीते-जी नागरिक अधिकारों से वंचित हुए मरीज के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी अब कौन लेगा?
