समुद्र की महाशक्ति बेबस, फारस की खाड़ी में लाचार अमेरिका; सुप्रीम लीडर मुज्तबा ख़ामेनेई का 2029 का गुप्त ‘होर्मुज प्लान’ आया सामने
ईरान ने दी चेतावनी: अमेरिका ने शुरुआत की, अब अंजाम हम देंगे; हर अमेरिकी अब हमारा टारगेट
समुद्र की महाशक्ति बेबस, फारस की खाड़ी में लाचार अमेरिका; सुप्रीम लीडर मुज्तबा ख़ामेनेई का 2029 का गुप्त ‘होर्मुज प्लान’ आया सामने
वॉशिंगटन / तेहरान: दुनिया को अपनी सैन्य ताकत के दम पर झुकाने का दावा करने वाला अमेरिका फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में लाचार और बेबस नजर आ रहा है। बेहिसाब सैन्य शक्ति और लाख कोशिशों के बावजूद वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति की सबसे संकरी नस यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर ईरान की जकड़ ढीली नहीं हो पा रही है।
ईरान द्वारा रचे गए इस अदृश्य चक्रव्यूह ने ग्लोबल इकोनॉमी (वैश्विक अर्थव्यवस्था) का गला घोंट कर रख दिया है। इजरायल और अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट्स ने अमेरिका से लेकर पूरे विश्व की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा ख़ामेनेई अमेरिका के खिलाफ युद्ध जीतने का ऐसा फाइनल खाका खींच चुके हैं, जिसके केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य को 2029 तक पूरी तरह बंद रखने की रणनीति छिपी है।
‘पूर्ण विनाश’ की धमकियों से ‘आपको पता चल जाएगा’ तक: ढीले पड़े ट्रंप के तेवर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार भीषण बमबारी, पूर्ण विनाश और सभ्यता का अंत करने जैसी चेतावनियों का इस्तेमाल ईरान पर दबाव बनाने के लिए करते रहे हैं। लेकिन अब विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ट्रंप के तेवर ढीले पड़ने लगे हैं:
ट्रंप का बयान: अब किसी भी कड़े सैन्य एक्शन के सवाल पर ट्रंप केवल ‘आपको पता चल जाएगा’ (You will find out) जैसे सीमित और अस्पष्ट जवाब दे पा रहे हैं।
कारण: इस कूटनीतिक लाचारी की सबसे मुख्य वजह होर्मुज पर लगने वाला 2029 तक का ‘स्थायी ताला’ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
2029 का वेटिंग गेम: ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने का इंतजार
ईरानी अधिकारियों के बयानों और संकेतों से साफ हो चुका है कि वे ट्रंप प्रशासन के साथ किसी भी जल्दबाजी वाले समझौते के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं:
प्रतीक्षा रणनीति (Wait-and-Watch): तेहरान की रणनीति ट्रंप का कार्यकाल समाप्त होने (वर्ष 2029) तक प्रतीक्षा करने की है।
ईरान का मानना: ईरान का शीर्ष नेतृत्व यह मानकर चल रहा है कि वर्तमान भू-राजनीतिक हालात उनके पक्ष में हैं और वे किसी दबाव में आकर समझौता करने के बजाय अमेरिकी प्रशासन को इस गतिरोध में मात दे सकते हैं।
कड़ी शर्तें: ईरान ने स्पष्ट रुख अपना लिया है—या तो राष्ट्रपति ट्रंप ईरान की सभी शर्तें मानकर समझौता करें, अन्यथा 2029 तक उनके पूरे कार्यकाल के दौरान होर्मुज इसी तरह बंद रहेगा।