MP Cabinet Decision: दमोह-कटनी 105 किमी नए मार्ग के लिए ₹4,470 करोड़ मंजूर; विंध्य और बुंदेलखंड को बड़ा तोहफा

MP Cabinet Decision: दमोह-कटनी 105 किमी नए मार्ग के लिए ₹4,470 करोड़ मंजूर; विंध्य और बुंदेलखंड को बड़ा तोहफा

भोपाल: भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और कृषि क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा लाभ बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के निवासियों को मिला है।

सरकार ने दमोह से कटनी के बीच 105 किलोमीटर लंबे नए मार्ग के निर्माण के लिए 4,470 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही प्रदेश की चार प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को निरंतर जारी रखने के लिए भारी-भरकम बजट आवंटन को भी हरी झंडी दी गई है।

‘विंध्य विकास पथ’ से सुगम होगा सफर

दमोह और कटनी के बीच बनने वाला यह 105 किमी लंबा नया मार्ग ‘विंध्य विकास पथ’ का एक बेहद अहम हिस्सा होगा:

4 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को मंजूरी

किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए कैबिनेट ने राज्य की 4 महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं को आगे बढ़ाने और उनके लिए वित्तीय स्वीकृति देने का निर्णय लिया है:

  1. लाखों हेक्टेयर भूमि को पानी: इन परियोजनाओं से हजारों गांवों की कृषि भूमि को नर्मदा और अन्य प्रमुख नदियों का जल मिलेगा।

  2. पैदावार और भू-जल में सुधार: सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और ग्रामीण इलाकों का जलस्तर (Water Table) सुधरेगा, जिससे पेयजल संकट भी दूर होगा।

  3. मंडी तक पहुंच आसान: बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण किसान अपनी उपज आसानी से बड़ी मंडियों तक पहुंचा सकेंगे।

कैबिनेट फैसलों का संक्षिप्त विवरण

क्षेत्र परियोजना / निर्णय आवंटित बजट / दूरी मुख्य प्रभाव
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर दमोह-कटनी नया मार्ग (विंध्य विकास पथ) ₹4,470 करोड़ (105 किमी) बुंदेलखंड-विंध्य कनेक्टिविटी, व्यापार और रोजगार में वृद्धि
कृषि एवं सिंचाई 4 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता बजट निरंतरता स्वीकृत लाखों हेक्टेयर खेतों को पानी, जलस्तर में सुधार

निष्कर्ष: सड़क और सिंचाई से जुड़े इन मेगा प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि मध्य प्रदेश के ग्रामीण और कृषि अर्थशास्त्र को भी नई मजबूती मिलेगी।

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