कटनी में सिंधी समाज ने मनाया ट्रीजड़ी पर्व, पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, तस्वीरों में
कटनी में सिंधी महिलाओं ने मनाया ट्रीजड़ी पर्व, पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, तस्वीरों में
कटनी में सिंधी महिलाओं ने मनाया ट्रीजड़ी पर्व, पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, तस्वीरों में
कटनी। तीज़ड़ी व्रत भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है।
कटनी में सिंधी महिलाओं ने मनाया ट्रीजड़ी पर्व, पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, तस्वीरों में
सावन की पूर्णिमा के तीन दिन बाद यह व्रत मुख्यतः सिंधी विवाहित महिलाएँ पति की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए रखती हैं, जबकि कन्याएं अच्छे वर की कामना के लिए निभाती हैं।
कटनी में सिंधी महिलाओं ने मनाया ट्रीजड़ी पर्व, पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, तस्वीरों में
सिंधी समाज में हर वर्ष तीजड़ी व्रत को धूमधाम से मनाया जाता है, जिसमें पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार महिलाएँ निर्जला व्रत रखती हैं, मंत्रोउचारन के साथ झूले पर तीजड़ी माता का पूजन करती हैं।
कटनी में सिंधी महिलाओं ने मनाया ट्रीजड़ी पर्व, पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत, तस्वीरों में
प्रतिवर्षानुसार आज बरही रोड में स्थित दिनेश महाराज के घर पर ट्रीजड़ी माता को झूले में सजाया।
सभी महिलाएं व लड़कियों ने पूजा अर्चन कर जल चढ़ाया। और व्रत की शुरुआत की।
ब्राम्हणी का है खास महत्व
पूजा ब्राह्मणी महिला पंडित द्वारा करवाई। यानी, मंदिर में पूजा और कथा का संचालन मुख्यतः पंडिताइन पद जो परंपरा में ब्राह्मणी की भूमिका को एक विशिष्ट धार्मिक महत्व प्रदान करता है।
व्रत से जुड़ी पारंपरिक विधियाँ
सुबह सूर्योदय से पहले ‘असुर’ की रस्म निभाई जाती है।जिसमें अहम सवाएँ जैसे लोल, कोकी, रबड़ी, या मीठा व्यंजन खा-पीकर व्रत आरंभ होता है।