NCERT Textbook Row: एनसीईआरटी की किताबों में ‘इतिहास’ बदलने पर भड़के शिक्षाविद- 4500 साल पुरानी ‘डांसिंग गर्ल’ के स्वरूप से छेड़छाड़ का आरोप

NCERT Textbook Row: एनसीईआरटी की किताबों में 'इतिहास' बदलने पर भड़के शिक्षाविद- 4500 साल पुरानी 'डांसिंग गर्ल' के स्वरूप से छेड़छाड़ का आरोप

NCERT Textbook Row: एनसीईआरटी की किताबों में ‘इतिहास’ बदलने पर भड़के शिक्षाविद- 4500 साल पुरानी ‘डांसिंग गर्ल’ के स्वरूप से छेड़छाड़ का आरोप

नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों में बदलाव का सिलसिला एक बार फिर से बड़े विवादों के घेरे में आ गया है। इस बार इस तीखे विवाद की मुख्य वजह सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) की विश्व प्रसिद्ध और लगभग 4500 वर्ष पुरानी कांस्य प्रतिमा ‘डांसिंग गर्ल’ (नर्तकी की मूर्ति) के ऐतिहासिक और मूल स्वरूप में किया गया कथित बदलाव है।इस कलाकृति को इतिहास की किताबों में एक नए रूप में पेश किए जाने के बाद से ही शिक्षाविदों और इतिहासकारों ने इस पर गंभीर आपत्तियां उठानी शुरू कर दी हैं।

 कक्षा 9 की नई किताब ‘मधुरिमा’ पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

विवाद की शुरुआत कक्षा 9 की नई कला इतिहास (History of Arts) की पाठ्यपुस्तक ‘मधुरिमा’ के सामने आने के बाद हुई:

इतिहासकारों और शिक्षाविदों ने जताई कड़ी आपत्ति

इस बदलाव को लेकर देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और इतिहासकारों में गहरी नाराज़गी है। उनका तर्क है कि ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक साक्ष्यों को उनके वास्तविक और मूल रूप में ही छात्रों के सामने पेश किया जाना चाहिए। इतिहास की किताबों में इस तरह के बदलाव से आने वाली पीढ़ी के सामने इतिहास का गलत और भ्रामक चित्र पेश हो सकता है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर एनसीईआरटी (NCERT) की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आना बाकी है, लेकिन सोशल मीडिया से लेकर शैक्षणिक गलियारों तक इस बदलाव को लेकर बहस काफी तेज हो गई है।

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