Good News: कटनी के किसानों को खरीफ में नहीं होगी खाद की किल्लत- 9,979 मीट्रिक टन का बंपर स्टॉक; ‘बलराम ऐप’ और ‘ई-टोकन’ से पारदर्शी वितरण
कटनी: कटनी जिले के अन्नदाताओं के लिए खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही एक बेहद तसल्लीबख्श और बड़ी ख़बर सामने आ रही है। जिले में खरीफ फसलों की बुआई को देखते हुए प्रशासन ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली है। इस बार सोसायटियों और केंद्रों पर लगने वाली लंबी लाइनों, अव्यवस्था और खाद की कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए ‘ई-विकास’ (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति) प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत अब ई-टोकन के माध्यम से ही उर्वरकों का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है।
प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए कटनी कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने उपसंचालक कृषि को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी केंद्र या दुकान पर बिना ई-टोकन के खाद का वितरण कतई न किया जाए, ताकि पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो सके।
यूरिया से लेकर डीएपी तक… जिले में खाद का बंपर स्टॉक सुरक्षित
किसान कल्याण विभाग के उपसंचालक द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कटनी जिले में इस वक्त 9,979 मीट्रिक टन से भी अधिक उर्वरक का सुरक्षित भंडारण (स्टॉक) मौजूद है, जो किसानों की जरूरत के लिए पर्याप्त है।
किस खाद का कितना स्टॉक उपलब्ध है?
| उर्वरक का प्रकार (Fertilizer) | वर्तमान स्टॉक (मीट्रिक टन में) |
| यूरिया (Urea) | 5,530 |
| एसएसपी (SSP – सिंगल सुपर फॉस्फेट) | 2,684 |
| एनपीके (NPK) | 929 |
| डीएपी एवं टीएसपी (DAP & TSP) | 734 |
| एमओपी (MOP – म्युरिएट ऑफ पोटाश) | 100 |
खसरा नंबर और फसल तय करेगी खाद का कोटा; रुकेगी जमाखोरी
इस बार खाद के अवैध भंडारण और कृत्रिम किल्लत को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बेहद वैज्ञानिक और डिजिटल तरीका अपनाया है:
Good News: कटनी के किसानों को खरीफ में नहीं होगी खाद की किल्लत- 9,979 मीट्रिक टन का बंपर स्टॉक; ‘बलराम ऐप’ और ‘ई-टोकन’ से पारदर्शी वितरण
-
सॉफ्टवेयर करेगा मात्रा तय: नई व्यवस्था के तहत किसानों की जमीन (खसरा नंबर) और उनके द्वारा बोई गई फसल के रकबे के आधार पर सॉफ्टवेयर खुद-ब-खुद खाद की मात्रा निर्धारित करेगा। इससे कोई भी जरूरत से ज्यादा खाद का भंडारण नहीं कर पाएगा और कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
-
घर बैठे दिखेगा लाइव स्टॉक: इस आधुनिक व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि किसान अब घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर विभिन्न केंद्रों पर उपलब्ध खाद के लाइव स्टॉक की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कैसे और कहाँ से मिलेगा ‘ई-टोकन’? प्रक्रिया हुई बेहद आसान
किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ई-टोकन प्राप्त करने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। किसान भाई अपनी सुविधा के अनुसार नीचे दिए गए किसी भी माध्यम से टोकन ले सकते हैं:
-
स्थानीय सहकारी समितियां और केंद्र: प्राथमिक कृषि सहकारी समितियां (पैक्स), शासकीय डबल लॉक केंद्र और अधिकृत निजी विक्रेता।
-
डिजिटल और कॉमन सर्विस सेंटर: अपने नजदीकी एमपी ऑनलाइन (MP Online) केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर।
-
मोबाइल से घर बैठे: किसान भाई अपने मोबाइल फोन पर “बलराम” मोबाइल ऐप डाउनलोड करके भी बेहद आसानी से घर बैठे अपना ई-टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
