कटनी: खरीफ फसलों के लिए खाद का संकट खत्म! ई-विकास पोर्टल से घर बैठे करें बुकिंग, जिले में पहुँचा 11 हजार टन से ज्यादा का स्टॉक
कटनी: खरीफ फसलों के लिए खाद का संकट खत्म! ई-विकास पोर्टल से घर बैठे करें बुकिंग, जिले में पहुँचा 11 हजार टन से ज्यादा का स्टॉक। खरीफ फसलों की बोनी का समय नजदीक आते ही कटनी जिला प्रशासन ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता ‘खाद’ का समाधान कर दिया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशानुसार जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक जमा कर लिया गया है। इस बार खास बात यह है कि वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए ‘ई-विकास पोर्टल’ और ई-टोकन व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है।
जिले में खाद का मौजूदा स्टॉक (मीट्रिक टन में):
उपसंचालक कृषि के अनुसार, वर्तमान में भंडारण की स्थिति काफी मजबूत है:
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यूरिया: 7,812 मीट्रिक टन
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डीएपी (DAP): 3,166 मीट्रिक टन
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एनपीके (NPK): 3,260 मीट्रिक टन
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एसएसपी (SSP): 9,601 मीट्रिक टन (कुल मिलाकर डीएपी और एनपीके का 11 हजार टन से अधिक का स्टॉक उपलब्ध है)
ई-विकास पोर्टल: इन किसानों को मिलेगी विशेष सुविधा
पोर्टल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसी भी वर्ग का किसान खाद से वंचित न रहे। इसमें निम्न के लिए विशेष प्रावधान हैं:
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बटाईदार (सिकमी) किसान: जो दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं।
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वन पट्टाधारी: वन भूमि पर खेती करने वाले किसान।
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बुजुर्ग और दिव्यांग: शारीरिक रूप से अक्षम किसानों के लिए आसान प्रक्रिया।
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वारिसान: मृतक किसान के उत्तराधिकारियों और ट्रस्ट की भूमि के लिए भी सुविधा।
एक बार में उठा सकेंगे पूरी जरूरत का खाद
किसानों की सुविधा के लिए नियमों में ढील दी गई है। अब किसान अपनी फसल के लिए जरूरी यूरिया, डीएपी या पोटाश की पूरी मात्रा एक बार में ही खरीद सकते हैं। यदि बाद में अतिरिक्त खाद की जरूरत पड़ती है, तो पोर्टल के माध्यम से दोबारा प्रक्रिया पूरी कर उठाव किया जा सकता है।
कहाँ से मिलेगा खाद?
यह स्टॉक जिले की सभी सोसायटियों, मार्कफेड के डबल लॉक केंद्रों और अधिकृत निजी दुकानों पर उपलब्ध करा दिया गया है।
प्रशासन की अपील: कृषि विभाग ने किसानों से आग्रह किया है कि बोनी के ऐन वक्त पर होने वाली भीड़ और अफरा-तफरी से बचने के लिए अभी से पोर्टल पर बुकिंग कर अपना स्टॉक सुरक्षित कर लें।

