RBI ने तय की निकासी की सीमा, एक और बैंक के डूबने की आशंका
महाराष्ट्र के पीएमसी बैंक के बाद एक और बैंक के डूबने की आशंका तेज हो गई है। आर्थिक खस्ताहाली के चलते आरबीआई ने बेंगलुरू के निजी क्षेत्र के बैंक श्री गुरु राघवेंद्र सहकारा बैंक पर कई पाबंदियां लगाते हुए ग्राहकों पर 35,000 रुपए की निकासी सीमा लगा दी है। यही नहीं, यह बैंक अगले छह महीने तक आरबीआई की अनुमति के बिना कोई नया लोन भी नहीं दे सकता है। साथ ही बिना अनुमति वह इस दौरान कोई निवेश भी नहीं कर सकता है।
बता दें कि इसी तरह की सीमाएं महाराष्ट्र के पीएमसी बैंक पर भी लगाई गई थीं। आरबीआई ने अपने बयान में कहा है कि जब तक बैंक की वित्तीय स्थिति नहीं सुधर जाती, तब तक यह बैंक पाबंदियों के दायरे में ही बैंकिंग काम-काज का संचालन करेगा। आरबीआई ने हालांकि बैंक का लाइसेंस रद्द नहीं किया है। 10 जनवरी शुक्रवार को काम-काज बंद होने के बाद से बैंक पर ये पाबंदियां लागू हैं।
बयान में कहा गया है कि किसी भी बचत खाते, चालू खाते या किसी अन्य खाते चाहे कितना भी जमा हो, लेकिन 35,000 रुपए से अधिक की निकासी नहीं हो सकती है। आरबीआई ने बैंकिंग नियमन कानून 1949 की धारा 35ए के तहत पाबंदियां लगाई हैं। पीएमसी बैंक पर पाबंदी लगने के बाद कई ग्राहकों ने आत्महत्या कर ली थी।
गौरतलब है कि पीएमसी बैंक पर आरबीआई की पाबंदी लगने के बाद पैसे की तंगी होने से कई ग्राहकों ने आत्महत्या कर ली थी। पीएमसी बैंक पर पहले सिर्फ 1,000 रुपए की निकासी सीमा लगाई गई थी। इसे बाद में बढ़ाकर पहले 10,000 रुपए फिर दो और चरणों में इसे 50,000 रुपए कर दिया गया था। शुरुआती जांच में यह पता चला था कि बैंक ने 70 फीसदी से ज्यादा लोने एक ही कंपनी को दे दिया था, जिसने बाद में दिवालिया होने के लिए सरकार के पास आवेदन कर दिया था।