PM मोदी की सेल्फी रील ने रचा इतिहास: 24 घंटे में मिले 303 करोड़ व्यूज; आईशोस्पीड (IShowSpeed) का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त
PM मोदी की सेल्फी रील ने रचा इतिहास: 24 घंटे में मिले 303 करोड़ व्यूज; आईशोस्पीड (IShowSpeed) का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त
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PM मोदी की सेल्फी रील ने रचा इतिहास: 24 घंटे में मिले 303 करोड़ व्यूज; आईशोस्पीड (IShowSpeed) का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त
नई दिल्ली: nप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक बार फिर अपनी डिजिटल लोकप्रियता का लोहा मनवाया है। गुरुवार रात को इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई उनकी एक सेल्फी रील ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया विश्व कीर्तिमान रच दिया है। पेपर लीक मामले पर युवाओं और छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए जारी की गई इस रील को महज 24 घंटे के भीतर 303 मिलियन (303 करोड़ से अधिक) व्यूज मिल चुके हैं।
इस ऐतिहासिक आंकड़े के साथ ही पीएम मोदी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर रातों-रात 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक नए फॉलोअर्स जुड़ गए हैं, जिससे उनके कुल फॉलोअर्स की संख्या 102 मिलियन (10.2 करोड़) के पार पहुंच गई है।
इससे पहले 24 घंटे में सबसे ज्यादा देखे जाने वाली रील का विश्व रिकॉर्ड प्रसिद्ध अमेरिकी कंटेंट क्रिएटर आईशोस्पीड (IShowSpeed) के नाम था। उन्होंने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के दौरान कोरियाई बैंड BTS के साथ मुलाकात का वीडियो शेयर किया था, जिसे 24 घंटे में 300 मिलियन (30 करोड़) व्यूज मिले थे। प्रधानमंत्री मोदी की सेल्फी रील ने आईशोस्पीड के इस आंकड़े को पछाड़कर इंस्टाग्राम इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। PM मोदी की सेल्फी रील ने रचा इतिहास: 24 घंटे में मिले 303 करोड़ व्यूज; आईशोस्पीड (IShowSpeed) का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त
“कैबिनेट में उठाए जाएंगे सख्त कदम” – रील में बोले PM मोदी
इस वायरल सेल्फी रील का कैप्शन था: “कल कैबिनेट में पेपर लीक के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे!”
रील के जरिए पीएम मोदी ने देश के लाखों चिंतित परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को ढांढस बंधाया:
छात्रों का दर्द समझा: पीएम मोदी ने कहा, “मैं जानता हूं कि पेपर लीक कोई मामूली बात नहीं है। यह लाखों छात्रों और उनके माता-पिता के लिए बेहद दुखद है।”
कड़ी कार्रवाई का आश्वासन: उन्होंने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई बड़े कदम उठाए गए हैं, दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
समय बचाने पर जोर: सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि 22 लाख से अधिक छात्रों का साल बर्बाद न हो और वे कम से कम समय में परीक्षा दे सकें।