MP में 42 डिप्टी कलेक्टरों की पदोन्नति का रास्ता साफ: सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त की SLP, 10 साल से अटका था प्रमोशन

MP में 42 डिप्टी कलेक्टरों की पदोन्नति का रास्ता साफ: सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त की SLP, 10 साल से अटका था प्रमोशन

जबलपुर: मध्य प्रदेश में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे 42 डिप्टी कलेक्टरों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर आई है। देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) ने सीधी भर्ती कोटे से नियुक्त डिप्टी कलेक्टरों द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को सही ठहराया है, जिसमें राज्य सरकार को 42 पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने का आदेश दिया गया था।

 सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार

सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल बी. पंचोली की युगलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सीधी भर्ती वाले अधिकारियों की एसएलपी खारिज कर दी। शीर्ष अदालत ने साफ कर दिया कि वह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पूर्व में दिए गए न्यायसंगत आदेश में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।

 10 साल से अटका था प्रमोशन, 1 जनवरी 2016 से मिलेगी वरिष्ठता

उल्लेखनीय है कि शासन स्तर पर प्रक्रियात्मक देरी के कारण पात्र अधिकारियों की पदोन्नति लगभग 10 वर्षों से अटकी हुई थी:

 क्या होगा असर?

सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब राज्य सरकार (सामान्य प्रशासन विभाग) के लिए हाई कोर्ट के आदेश का पालन करना अनिवार्य हो गया है। इससे प्रदेश के प्रशासनिक महकमे में सालों से रुकी हुई पदोन्नति की प्रक्रिया में तेजी आएगी और पात्र अधिकारियों को जॉइंट कलेक्टर/अपर कलेक्टर स्तर पर पदोन्नत होने का अवसर मिलेगा। MP में 42 डिप्टी कलेक्टरों की पदोन्नति का रास्ता साफ: सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त की SLP, 10 साल से अटका था प्रमोशन

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