माँ की पुण्यतिथि पर बेटे-बहू ने किया रक्तदान, मानव सेवा को बनाया श्रद्धांजलि का माध्यम अंजना क्षत्रिय की स्मृति में अंकित व स्नेह क्षत्रिय ने जिला अस्पताल में किया स्वैच्छिक रक्तदान

माँ की पुण्यतिथि पर बेटे-बहू ने किया रक्तदान, मानव सेवा को बनाया श्रद्धांजलि का माध्यम

अंजना क्षत्रिय की स्मृति में अंकित व स्नेह क्षत्रिय ने जिला अस्पताल में किया स्वैच्छिक रक्तदा

कटनी। दिवंगत श्रीमती अंजना क्षत्रिय की पुण्य एवं श्राद्ध तिथि पर उनके बेटे अंकित क्षत्रिय और बहू स्नेह क्षत्रिय ने जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान किया। उन्होंने अपनी मां की स्मृति को केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने तक सीमित न रखते हुए मानव सेवा के माध्यम से याद किया और जरूरतमंदों के जीवन में योगदान देने का संकल्प लिया।

अंकित एवं स्नेह क्षत्रिय ने कहा कि मां अंजना क्षत्रिय भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृतियां हमेशा हमारे साथ रहेंगी। उनकी पुण्य एवं श्राद्ध तिथि पर रक्तदान कर यदि किसी जरूरतमंद के जीवन को बचाने में हमारा छोटा सा योगदान भी हो सके, तो इससे बड़ी श्रद्धांजलि उनके लिए और कुछ नहीं हो सकती।

पुण्यतिथि को बनाया सेवा का अवसर

रक्तदान के माध्यम से उन्होंने समाज को मानव सेवा का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में तैयार नहीं होता, बल्कि इसकी उपलब्धता स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर रहती है। दुर्घटना, ऑपरेशन, प्रसव और गंभीर बीमारियों के दौरान मरीजों को अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में रक्तदान करने वाले लोगों का योगदान किसी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।

अंकित एवं स्नेह ने स्वस्थ और पात्र लोगों से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ, पुण्यतिथि अथवा जीवन के किसी भी विशेष अवसर को रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से जोड़कर जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है। उनका यह प्रयास समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ यह संदेश भी देता है कि किसी प्रियजन को याद करने का सबसे सुंदर तरीका किसी और के जीवन में उम्मीद बनना है।

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