अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कटनी के तत्वाधान में हुआ विशाल आयोज
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के पावन निमित्त अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, कटनी (महाकौशल प्रांत) के तत्वावधान में आज ‘तेजस्विनी युवती सम्मेलन’ का अत्यंत भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवतियों और छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार की भावना को प्रज्वलित करना तथा उन्हें रानी लक्ष्मीबाई जैसी वीरांगनाओं के आदर्शों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस गरिमामयी आयोजन में क्षेत्र एवं जिले की कई प्रमुख व गणमान्य महिला नेत्रियों व पदाधिकारियों की विशेष उपस्थिति रही।
प्रमुख अतिथि एवं गणमान्य उपस्थिति:
कार्यक्रम में क्षेत्रीय छात्रा प्रमुख सुश्री शालिनी वर्मा जी, नीतू कनकने जी, नीति ठाकुर जी, सोनाली कन्नौजिया जी, किटी गुप्ता जी, नगर उपाध्यक्ष शिखा सोनी जी, और जिला छात्रा प्रमुख दिव्या मिश्रा जी मंच पर उपस्थित रहीं।
वक्ताओं के वक्तव्य (मुख्य बिंदु):
सुश्री शालिनी वर्मा जी (क्षेत्रीय छात्रा प्रमुख):
अपने प्रेरणादायी वक्तव्य में सुश्री शालिनी वर्मा जी ने कहा कि आज की नारी केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण, समाज सुधार और हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही है। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने अंदर की शक्ति को पहचानें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्राओं को नेतृत्व का अवसर प्रदान करता है और हमें देश की संस्कृति व सुरक्षा के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए।
नीतू कनकने ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास गवाही देता है कि जब-जब देश और समाज पर संकट आया है, तब-तब नारी शक्ति ने दुर्गा और काली का रूप लेकर उसका सामना किया है। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ वैचारिक दृढ़ता और सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि युवतियां आत्मनिर्भर बनें और समाज में सकारात्मक बदलाव की वाहक बनें।
कार्यक्रम के दौरान अन्य अतिथियों ने भी अपने विचार रखे और छात्राओं को संगठित होकर राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। सम्मेलन में कटनी जिले के विभिन्न महाविद्यालयों और विद्यालयों से बड़ी संख्या में छात्राएं एवं युवतियां उत्साहपूर्वक उपस्थित रहीं। अंत में वंदे मातरम् के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।