गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर: 8 अक्टूबर 2026 से इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें उपाय

गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में गोचर: 8 अक्टूबर 2026 से इन 3 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें उपाय

ज्योतिष शास्त्र: ज्ञान, भाग्य, धर्म, समृद्धि और संतान के कारक ग्रह गुरु (बृहस्पति देव) 8 अक्टूबर 2026 को अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार, गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा, लेकिन 3 राशियों के जातकों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो सकता है।

इस अवधि के दौरान इन राशि वालों को विशेष रूप से आर्थिक तंगी, करियर में रुकावटों और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए किसी भी तरह के बड़े निवेश या लेन-देन में सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

इन 3 राशियों को रहना होगा संभलकर:

मिथुन राशि (Gemini)

सिंह राशि (Leo)

धनु राशि (Sagittarius)

गुरु के अशुभ प्रभाव को कम करने के 5 अचूक उपाय:

यदि आपकी राशि पर गुरु का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तो इन उपायों से राहत मिल सकती है:

  1. केले के पौधे की पूजा: प्रत्येक गुरुवार को केले के पेड़ में जल चढ़ाएं और धूप-दीप जलाकर पूजा करें।

  2. पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन जरूरतमंदों को चने की दाल, हल्दी, गुड़ या पीले फलों का दान करें।

  3. वस्त्र एवं आचरण: गुरुवार के दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।

  4. मंत्र जाप: प्रतिदिन या गुरुवार को गुरु ग्रह के बीज मंत्र ‘ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः’ अथवा ‘ॐ बृं बृहस्पतये नमः’ का जाप करें।

  5. विष्णु सहस्रनाम: नियमित रूप से या प्रत्येक गुरुवार को ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करें।

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