पूज्य चालीसा साहिब के शुभारंभ पर सिंधी समाज का हरित संकल्प, छात्रावास के बच्चों ने किया वृक्षारोपण

पूज्य चालीसा साहिब के शुभारंभ पर सिंधी समाज का हरित संकल्प, छात्रावास के बच्चों ने किया वृक्षारोप

 

कटनी। सिंधी समाज के आराध्य देव भगवान झूलेलाल के पूज्य चालीसा साहिब के शुभारंभ अवसर पर सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जल संवर्धन का संदेश देते हुए प्रेरणादायक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नई पीढ़ी में प्रकृति के प्रति प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करना भी रहा।

इस अवसर पर छात्रावास के बच्चों से पौधारोपण कराया गया। संस्था की अध्यक्ष नीलम जगवानी ने कहा कि आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। यदि उनमें बचपन से ही प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित की जाए तो वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के सशक्त प्रहरी बनेंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि भगवान झूलेलाल जल के देवता हैं और जल एवं जीवन का अटूट संबंध है। जल संरक्षण तभी संभव है जब धरती पर अधिक से अधिक वृक्ष हों। पेड़ वर्षा, स्वच्छ वातावरण और जल संरक्षण के प्रमुख आधार हैं। ऐसे में पूज्य चालीसा साहिब के शुभारंभ पर वृक्षारोपण का संकल्प भगवान झूलेलाल के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है।

सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों ने कहा कि सिंधी संस्कृति सदैव प्रकृति, जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती आई है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल का संकल्प लेना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान छात्रावास के बच्चों ने पौधों की देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उपस्थित सभी लोगों ने भी हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नीतू लालवानी, मोना, परी पुरसवानी, हितिशा बसेरा, युक्ति रोहरा, रश्मि नागवानी, महक गिडवानी, राखी तीर्थानी, रश्मि गंगवानी, आंचल पंजवानी एवं याशिका सिंघानिया सहित बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।

Exit mobile version