40 दिनों की आस्था में पर्यावरण संदेश: वरुण संस्था एवं वरुण महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान सिंधी चालीसा पर्व के दौरान मंदिर परिसर में वृक्षारोपण
कटनी। 40 दिनों की आस्था में पर्यावरण संदेश: वरुण संस्था एवं वरुण महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान सिंधी चालीसा पर्व के दौरान मंदिर परिसर में वृक्षारोपण।
वरुण संस्था एवं वरुण महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान में सिंधी समाज द्वारा चालीसा पर्व का आरंभ उत्सव श्रद्धा व आस्था की गरिमा के साथ मनाया गया। इस वर्ष इस विशेष अवसर पर “पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत मंदिर परिसर में पूजा-पूरे क्रम के दौरान वृक्षारोपण कराया गया।
माँ, प्रकृति और मातृभाषा जीवन मूल का आधार
इस मौके पर पूज्य संत श्री शेहरावाले साईं जी ने प्रभावशाली संदेश दिया कि “माँ, प्रकृति और मातृभाषा जीवन मूल का आधार हैं”। वृक्षारोपण को स्थाई स्मृति एवं पर्यावरण सुरक्षा का प्रतीक बताते हुए उन्होंने समाज को पर्यावरणीय चेतना से जोड़ने का आवाहन किया।
इस कार्यक्रम के माध्यम से:
- सिंधी समुदाय ने अपनी सांस्कृतिक आस्था व प्रकृति-प्रेम को एक साथ प्रस्तुत किया,
- पर्यावरण संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित किया,
- मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन का उद्देश्य व्यक्त किया।
समापन के समय वरुण महिला मंडल ने सभी उपस्थित धर्मावलंबियों, आयोजकों और धर्मगुरुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने सतत पर्यावरण-प्रेम व संस्कृति-संरक्षण का संकल्प दोहराया।
यह वृक्षारोपण पहल मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि सिंधी संस्कृति की मूल भावना- माँ, प्रकृति और भाषा के संरक्षण—की एक सार्थक अभिव्यक्ति है। इस तरह का आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और स्थायी संदेश बन गया है। 40 दिनों की आस्था में पर्यावरण संदेश: वरुण संस्था एवं वरुण महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान सिंधी चालीसा पर्व के दौरान मंदिर परिसर में वृक्षारोपण


